मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष महोदय डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने विगत दिवसों के विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन के ‘’06 मामलों में” संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा है।
भीषण गर्मी में गहराया जल संकट, ग्रामीण हो रहे पेयजल के लिये परेशान
भोपाल शहर में भीषण गर्मी आने के बाद जिला पंचायत अंतर्गत आने वाले करीब 475 गांवों में पीने के पानी का गंभीर संकट होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जिले की कनेरा ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों को भीषण गर्मी में पेयजल के लिये परेशान होना पड़ रहा है। गांव में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण कई मीलों दूर जाकर पानी लाना पड़ता है। शासन-प्रशासन की कई पेयजल योजनाओं के होने के बावजूद यहां रहने वाले लोगों को पेयजल के लिये परेशान होना पड़ रहा हे। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने प्रमुख अभियंता, म.प्र. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, भोपाल से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
मुहूर्त के फेर में फंसी संजीवनी, ताले में अस्पताल, डॉक्टर व नर्स का इंतजार….
भोपाल शहर के रोहित नगर में संजीवनी क्लीनिक के पूरी तरह तैयार होने के बावजूद अब तक आम-जन के लिये नहीं खोले जाने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार शहर के बढ़ते तापमान के कारण लू लगना, चक्कर आना, उल्टी, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन के मामले लगातार बढ़ रहे है, ऐसे में क्लीनिक के शुरू नहीं होने के कारण स्थानीय रहवासियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या होने पर लोगों को इलाज करवाने के लिये से 8 किलोमीटर दूर तक जाना पड़ता है। जिससे उन्हें खासकर बुजुर्गों एवं बच्चों को कई तरह की परेशानी का सामना करना पड़ता है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, भोपाल से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
पानी एवं शौचालय को मोहताज स्कूल के बच्चे…..
जबलपुर जिले के ग्राम पंचायत छीतापाल, सिमरिया खुर्द की शासकीय प्राथमिक शाला में स्कूली बच्चों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित होने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार स्कूल में करीब 26 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं, लेकिन पीने के पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है और न ही शौचालय की सुविधा उपलब्ध है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने जिला शिक्षा अधिकारी, जबलपुर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
98 हजारों से अधिक लोगों को तीन महीने से नहीं मिल रही पेंशन….
जबलपुर शहर में सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े 98 हजार से अधिक हितग्राहियों को विगत तीन महीने से पेंशन नहीं मिलने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 3 श्रेणियों में हितग्राहियों को मिलने वाली पेंशन विगत तीन महीने से नहीं मिल पा रही है, इस कारण उन्हें जीवन यापन करने में कई परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, जबलपुर से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
घोड़ी पर बारात निकाल रहा था दलित दूल्हा, दबंगों ने नीचे पटक कर पीटा….
दमोह जिले के बिजौरी पाठक गांव में एक दलित दूल्हें के साथ शादी के दौरान बर्बरता का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 22 वर्षीय दलित दूल्हा अपनी शादी के दिने घोड़ी पर सवार होकर बारात निकाल रहा था, तभी कुछ दबंगों ने इसका विरोध शुरू कर दूल्हे को घोड़ी से नीचे उतारकर उसके साथ गंभीर रूप से मारपीट की। जिससे दूल्हा गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, दमोह से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
एक हैंडपंप के भरोसे 600 लोग…..
राजगढ़ जिले के सारंगपुर जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत रामपुरिया खेड़ा में पेयजल संकट गहराने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार कॉलोनी में रहने वाले 80 परिवारों के करीब 600 लोगों के घर-घर नल कनेक्शन तो कर दिये गये है, लेकिन पानी नहीं पहुंचा है, इस कारण लोगों को कई किलोमीटर दूर सामुदायिक भवन परिसर स्थित हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने कलेक्टर, राजगढ़ से मामले की जांच कराकर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन दो सप्ताह में मांगा है।
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