संतों की परंपरा में ही ऐसे संयोग देखने को मिलते है ऋषि पंचमी के दिन जब अग्र पीठाधीश्वर एवं मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉक्टर राजेंद्र दास जी महाराज का ‘अवतरण दिवस है तब इसी दिन संत मलूक दास जो की स्मृति में भारत सरकार ने डाक टिकट जारी करके भक्ति सेवा और मानवता के संदेश को राष्ट्रीय स्मृति से जोड़ा है दिन प्रतिदिन मलूक पीठ की महिमा सर्वोत्तम पायदान को प्राप्त कर रही है।
दरअसल मलुक पीठ परंपरा ऐसी है जहां भक्ति प्राणों से प्यारे हैं जहां सत्य प्रेम करुणा दया और जीव मात्र की भागवत भाव से सेवा करने का संकल्प है शायद इसी कारण इस परंपरा में समय-समय पर ऐसे में अवतारों संत अवतरित हो रहे हैं जो घोर अंधकार सूर्य की भांति तेलस्विता दे रहे हैं वैसे तो संतो को किसी सीमा में नहीं बांधा जा सकता लेकिन मध्य प्रदेश इस चात से गौरावित है कि देश दुनिया में सर्वमान्य संत अनंत श्री विभूषित श्री अनंत विभूषित अब पीठाधीश्वर एवं मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉक्टर राजेंद्र महाराज का अवतरण मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के आचार्य धाम में हुआ और आज सामान्य जन ही नहीं संत समाज में भी वे सर्वमान्य संत के रूप में स्वीकार्य है केवल शस्त्र आधारित बात करना और जो भी करते है उसको जीवन में अमल करते हैं लाखों करोड़ों लोग वाणी को सुनकर अपना जीवन सुधार रहे हैं गौ सेवा की अलख जगाने चाले महाराज जी भविष्य की चुनौतियां और उसके समाधान से भी अवगत करा रहे है मंगलवार को जब दिल्ली के ताल कटोरा में संत मलुक दस नी जी की स्मृति में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने डाक टिकट जारी करते हुए कहा कि संत मलूक दास जी की स्मृति में जारी स्मारक डाक टिकट उनके भक्त सेवा और मानवता के संदेश को राष्ट्रीय स्मृति से जोड़ने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि राम भक्त को मानवता और लोक कल्याण से जोड़ने बाली संत परंपरा भारत की आत्मा है इस अवसर पर दौरान संत महात्मा पूज्य संत शिरोमणियों स्वामी श्री राम कथा एवं संत समागम का शुभारंभ हुआ इस डॉक्टर राजेंद्र दास देवाचार्य जी महाराज श्री मलूक पीठ सेवा संस्थान न्यास के पदाधिकारीयों तथा देश सिंधिया ने कहा संत मलूक दास भगवान राम के के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालु भी उपस्थित थे आनंद भक्त थे लेकिन उनकी राम भक्ति केवल पूजा और उपासना तक सीमित नहीं थी उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरित्र को अपने जीवन का दर्शन बनाया और उसे जन-जन तक पहुंचाया। श्री राम को उन्होंने कर्तव्य त्याग सत्य करुणा न्याय और लोक कल्याण के प्रतीक के रूप में देखा इस अवसर पर उन्होंने संत मलूक दास जी की प्रसिद्ध पंक्तियां को भी उद्धत किया मलूका ऐसी राम की कृपा भाई है मोय सकल जगत अपना भया भया बैरी रहा न कोय आज की पीढ़ी ने भले ही मलूक दास जी को ना देखा हो लेकिन मलूक पीठ परंपरा के पीठाधीश्वर स्वामी डॉ राजेंद्र दास जी महाराज ऐसे ही है और यही उपदेश करो।
कुल मिलाकर रामानंद संप्रदाय मलूक पीठ परंपरा के लिए इस बार की अऋषि पंचमी दुगने उत्साह को लेकर आए जब मलूक पीठाधीश्वर स्वामी डॉक्टर राजेंद्र दास जी महाराज का ‘दिवस है और इसी दिवस पर संत मलूक दास जी महाराज पर भारत सरकार ने डाक टिकट जारी किया यह डाक टिकट आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्मृति का हिस्सा बनाने का माध्यम तो बनेगा ही आने वाली पीतियां को उनकी भक्ति ज्ञान करुणा और मानवता के संदेश से भी जोड़ने का ।
श्री देवदत्त दुबे
लेखक मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक हैं ।
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