मध्यप्रदेश राजनीतिनामा : चुनावी साल और तिल का ताड़

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा : चुनावी साल और तिल का ताड़

मिशन 2023 फतह करने के लिए जोर लगा रहे प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अब एक दूसरे की गतिविधियों पर पैनी निगाह लगाए हुए हैं जरा सी भूल को बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है जैसे कि अभी भाजपा मंदिर नमक एक बार कांग्रेस को कुछ उसी तरह घेर रही है जिस तरह 2003 विधानसभा चुनाव के समय उमा भारती के केक काटने पर कांग्रेश घेर रही थी जब जब चुनाव नजदीक आते हैं तब तक आक्रामकता बढ़ जाती है जिन मुद्दों पर आम दिनों में कोई प्रतिक्रिया नहीं होती चुनाव की दौड़ में वही मुद्दा से हंसी पारा चढ़ा देता है जैसा कि इस समय कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा एक कार्यक्रम में मंदिरनुमा केक काटने पर विवाद खड़ा हो गया मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सनातन धर्म का अपमान बताया उन्होंने कहा कि कमलनाथ द्वारा हनुमान जी का फोटो लगा केक काटना उनका और सनातन परंपराओं का अपमान है उन्होंने कहा कि कमलनाथ हनुमान हनुमान भक्त नहीं बगुला भगत है उनका एक ही काम है मुंह में राम बगल में छुरी इस प्रतिक्रिया पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने कहा कि शिवराज सिंह बहरूपिया है

मतदान केंद्रों को संवेदनशील चिन्हित करने पर भी दोनों दल आमने-सामने कमलनाथ ने मतदान केंद्रों को जानबूझकर संवेदनशील केंद्रों में बदलने को लेकर सभी कलेक्टरों को पत्र लिखा है इसके उत्तर में शिवराज सिंह ने कहा कि कमलनाथ की ट्विटर की चिड़िया सुबह से उड़ जाती है कांग्रेस में कोई सुन नहीं रहा है कलेक्टर और एसपी को खत लिखे जा रहे हैं इस तरह उज्जैन में महाकाल दरबार में गर्भ ग्रह में फोटोग्राफी ना होने के आदेश भी दोनों एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं  प्रदेश में जिस तरह से सत्ता संघर्ष समय पूर्व तेज हो गया है उससे अब किसी भी दल की या दल के नेता की छोटी सी भूल भारी पड़ सकती है तिल का ताड़ बनाया जा रहा है क्योंकि अब दोनों ही दल एक दूसरे को कटघरे में खड़ा करने पर आमादा है भारत जोड़ो यात्रा के समय भी यात्रा वाले इलाकों पर राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है ।

तू डाल डाल मैं पात पात की स्थिति बन गई है भाजपा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और वरिष्ठ मंत्री गोपाल भार्गव, गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ,नगरी प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह  पर कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं तो कांग्रेस की ओर से प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ, पूर्व मुख्यमंत्री डॉ गोविंद सिंह और पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह  भाजपा पर हमलावर है यह संघर्ष दिन प्रतिदिन तेज होगा दोनों ही दलों के नेता अपने सोशल मीडिया विभाग को चुस्त-दुरुस्त किया हुआ है जिससे जवाबी हमला करने में कोई कसर न छोड़ी जाए प्रवक्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है और प्रतिदिन टिप्स दिए जाते हैं किन मुद्दों पर कैसे विरोधी दल को घेरना है भारत जोड़ो यात्रा पर कांग्रेस जो  माहौल बनाएगी उसका जवाब कार्यक्रम गुजरात चुनाव के बाद भाजपा करेगी जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय नेता शिरकत करेंगे। भाजपा और कांग्रेस के अलावा प्रशासन और त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव में आम आदमी पार्टी ओवैसी की पार्टी दमदार दस्तक दे चुकी है बसपा और सपा ने भी कार्यालयों की साफ सफाई कर ली है और चुनावी तैयारियां शुरू कर दी है। 2018 के विधानसभा चुनाव में सपाक्स पार्टी ने अपनी उपस्थिति से राजनीतिक दलों के समीकरण बनाए थे उसी तरह इस बार आईएएस की नौकरी छोड़कर राजनीति में कूदने वाले वरद मूर्ति मिश्रा ने वास्तविक भारत पार्टी के कार्यालय का उद्घाटन किया है और वे सभी 230 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं राजनीतिक दलों की तैयारियां जहां प्रदेश में सत्ता संघर्ष के तेज होने के संकेत दे रही हैं वहीं छोटे-छोटे मुद्दों पर भी हंगामा खड़ा करने की कोशिश शुरू हो गई।

 

               देवदत्त दुबे

वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक विश्लेषक मध्यप्रदेश 

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