देश में जैन जी से लेकर जैन अल्फा तक आंदोलन का जो दौर शुरू हुआ है इसका असर मध्य प्रदेश में भी अब दिखाई देने लगा है भाजपा हो या कांग्रेस सब की जान जैन जी में अटकी है भाजपा जहां स्कूल कॉलेज में सोशल मीडिया संवाद बनाने जा रही है वहीं कांग्रेस में छात्र राजनीति के लिए 13 क्षेत्र प्रभारी नियुक्त कर दिए हैं।दरअसल राजनीतिक वातावरण पक्ष में रखने के लिए युवाओं की भूमिका शुरू से ही महत्वपूर्ण रही है लेकिन जब से सोशल मीडिया का दूर आया है तब से तो युवा वर्ग पर ही बहुत कुछ निर्भर हो गया है बहुत कम समय में तेजी से लोकप्रिय होने और आंदोलन को संचालित करने में जिस तरह से पुथा सफल हो रहे हैं उसको देखते हुए राजनीतिक दलों ने भी अपनी रणनीति बदल दी है अब पूरा फोकस युवाओं पर है कोर्ट के आदेश पर प्रदेश में छात्रसंघ के चुनाव भी होना है और छात्रसंघ के चुनाव में जिस भी डाल के समर्थक विद्यार्थी चुनाव जीतते हैं उसके लिए राजनीतिक वातावरण अपने पक्ष में बनाने में सुविधा ही जाती है यही कारण है कि अब दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस छात्र राजनीति को अपने पक्ष में करने के लिए जमावट करने में जुट गए हैं।
बहरहाल प्रदेश में पिछले 10 दिनों में युवाओं ने जिनमें जैन जी और जैन अल्फा के युवा शामिल है बिना किसी प्रभावी नेतृत्व के संयुक्त रूप से प्रदर्शन करके अपनी मांगे मनवाने में सफल हुए हैं इंदौर उज्जैन छिंदवाड़ा सिरोज भोपाल और धार में अलग अलग मांगों को लेकर छात्रों ने प्रदर्शन किया और मांगे पूरी होने पर ही प्रदर्शन समाप्त किया अब तक यही छात्र अपनी मांगों के लिए राजनेताओं के चक्कर काटते थे लेकिन अब वे स्वयं से एक जुट होकर प्रदर्शन कर रहे हैं और अपने हक का न्याय प्रास कर रहे हैं अच कॉलेज और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ के चुनाव होना जरूरी हो गया है। ऐसे में राजनीतिक दल छात्रों के बीच अपनी पहुंच बनाने के उपाय शुरू कर रहे हैं भाजपा सरकार और आरएसएस ने अपनी गतिविधियां युवाओं के बीच बहाने की तैयारी शुरू कर दी है युवाओं से सीधे संवाद के साथ सोशल मीडिया पर प्रभाव रखने वाले युवाओं और इनफ्लुएंस से संपर्क बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है जिसके माध्यम से युवाओं की समस्याओं उनकी पसंद और भविष्य से जुड़ी अपेक्षाओं को समझने के साथ उन्हें अपने साथ जोड़ना है भाजपा संगठन ने युवाओं से संपर्क बढ़ाने की जिम्मेदारी अपने युवा मोचों को दी है इसके तहत स्कूल कॉलेज और छात्रावासों में संपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।मंत्री सांसद और विधायक शैक्षणिक संस्थानों में जाकर युवाओं से संवाद करेंगे और इन कार्यक्रमों में युवाओं को सुना जाएगा उनकी समस्याएं समझी जाएगी रोजगार शिक्षा जैसे मुद्दों पर संवाद किया जाएगा राष्ट्रीय नेतृत्व ने भी केंद्रीय मंत्रियों को कॉलेज और विश्वविद्यालय में जाने के लिए कहा है पिछले दिनों राष्ट्रीय श्रम सेवक संघ की बैठक के बाद सरकार बाय दत्तात्रेय होसबोले ने भी नई पीढ़ी के साथ सीधे संवाद की बात कही थी सितंबर में भोपाल में संघ के पदाधिकारी युवाओं से संवाद करेंगे जिसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं यही नहीं 17 सितंबर से उज्जैन में तीन दिवसीय युवा पंचायत होने जा रही है जिसमें 24 राज्यों के 1700 से अधिक युवा एकत्रित होकर धर्म राष्ट्र संस्कृत शिक्षा विज्ञान और समकालीन जीवन की चुनौतियों पर मंथन करेंगे
यह युवा धर्म संसद 2026 के षष्टम अंक का अवसर होगा सेवाज संस्थान द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय आयोजन 17 से 19 सितंबर तक उज्जैन के गीता भवन में होगा जिसमें विद्यार्थी शिक्षक शिक्षाविद सेत मनीषी और सामाजिक चिंतक रसहभागी होगे इस युवा धर्म संसद की खासियत इसका संवाद आधार स्वरूप होगा युवाओं को केवल वक्तओ को सुनाने तक सीमित नहीं रखा जाएगा।बल्कि वे धर्म आधुनिकता विज्ञान शिक्षा राष्ट्र और सामाजिक जीवन से जुड़े सवाल सीधे विद्वानों और संतों के सामने रख सकेंगे इस तरह आयोजन युवा पीढ़ी और भारतीय मनीषा के बीच जीवन संवाद का राष्ट्रीय मंच बनेगा पुया धर्म संसद की परंपरा देश के प्रमुख धार्मिक सांस्कृतिक केंद्रों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रही है इसके पूर्व काशी अयोध्या मथुरा हरिद्वार और कांचीपुरम में आयोजन हो चुके हैं अब इसके प्रथम अंक के लिए महाकाल की नगरी उज्जैन को चुना गया है क्योंकि उज्जैन केवल आस्था का केंद्र नहीं बल्कि भारत को धाचीन ज्ञान परंपरा की महत्वपूर्ण भूमि भी रही है उन में होने वाले इस आयोजन में जैन जी और जैन अल्फा से संवाद के लिए विशेष रणनीति बनाई जा रही है।
दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस भी तैयारी में जुट गई है प्रदेश में लंबे अरसे बाद होने जा रहे छात्रसंघ के चुनाव के माध्यम युवाओं पर अपनी पकड़ बनाने के लिए पार्टी ने 13 क्षेत्र प्रभारी घोषित कर दिए हैं जो की सितंबर में प्रदेश के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव कराने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेंगे अभी से कांग्रेस ने रणनीति के तहत संगठनात्मक तैयारी शुरू कर दी है प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर पार्टी ने प्रदेश को 13 क्षेत्र में बताकर छात्र संघ चुनाव के लिए प्रभारियों की नियुक्ति की है इन्हें छात्र संगठनों से समन्वय करने और एनएसयूआई समर्थित उम्मीदवारों की तैयारीकराने की जिम्मेदारी दी गई है
कुल मिलाकर देश के साथ-साथ प्रदेश में भी जिस तरह से जैन जी और जैन अल्फा की दस्तक शुरू हो गई है उसको देते हुए प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपनी रणनीति में परिवर्तन किया है और पूरा फोकस युवा राजनीति पर कर दिया है विभिन्न माध्यमों से युवाओं उनसे संवाद करने की रणनीति बनाई जा रही है इसका एक नक्शा दिया अभी है कि छात्र संप चुनाव में पार्टी समर्थित छात्र चुनाव जीत सके जिससे प्रदेश में युवाओं के बीच अपने पक्ष में वातावरण बनाने में सुविधा मिल सके क्योंकि कहा जाता है जिधर युवा उधर की वायु और 2028 के विधानसभा चुनाव में युवाओं के चौच वातावरण बनाने की माहिती आवश्यकता दोनों ही दलों को है। इसके पहले प्रदेश में नगरी निकाय और त्रिस्तरीय पंचायती राज के चुनाव भी होना है जिसमें भी युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी दालों की रणनीति का एक हिस्सा यह भी है कि इन स्थानीय निकाय के चुनाव में युवाओं की अधिकतम मौका दिया जाएगा। #bharatbhvh #madhypradesh #news
@ देवदत्त दुबे
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