पिछले कई वर्षों से मैं लिख रहा हूँ कि हमारी सरकारें जो दावे करती रही हैं कि देश की गरीबी घटती जा रही है, वे
Category: राजनीतिनामा
आदिवासियों का अंदाज आंकने का चुनाव
भोपाल। प्रदेश में मिशन 2023 की तैयारियों में जुटे भाजपा और कांग्रेस का सबसे ज्यादा फोकस आदिवासी मतदाताओं पर है। इस वर्ग को अपनी ओर
गहलोतः सासू छोटी, बहू बड़ी
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत लाख मना करें कि उन्होंने अपने कांग्रेस विधायकों को नहीं भड़काया है लेकिन उनकी इस बात पर कौन भरोसा करेगा?
यूरोप में फिर फासीवाद?
100 साल पहले इटली में फासीवाद का उदय हुआ था। इटली के बेनिटो मुसोलिनी के बाद जर्मनी में एडोल्फ हिटलर ने नाजीवाद को पनपाया। इन
मप्र: स्थानीय निकाय चुनाव में स्थापित नेताओं की तूती
भोपाल। 27 सितंबर को प्रदेश में होने जा रहे 46 नगरीय निकाय के चुनाव के लिए रविवार शाम को प्रचार जरूर थम गया लेकिन प्रत्याशियों के
मोदी को इनसे कोई खतरा नहीं
आज के दिन तीन बड़ी खबरें हैं। ये तीनों अलग-अलग दिखाई पड़ रही हैं लेकिन तीनों आपस में एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। पहली खबर
मुसलमानों का नुकसान क्यों कर रहे हैं?
पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) नामक मुस्लिम संगठन पर सरकार की कड़ी नजर पहले से थी, लेकिन इस बार देश भर में उस पर मारे
कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : मध्य प्रदेश की दावेदारी में भी है दम
भोपाल। कल से कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे
ईरान में हिजाब पर कोहराम
मुश्लिम औरतें हिजाब पहने या नहीं, इस मुद्दे को लेकर ईरान में जबर्दस्त कोहराम मचा हुआ है। जगह-जगह हिजाब के विरूद्ध प्रदर्शन हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश राजनीतिनामा : पितृपक्ष के बाद निर्णयों की बारी
भोपाल। पितृपक्ष के बाद भाजपा और कांग्रेस में बहुत सारे निर्णय होने की उम्मीद लगाए बैठे कार्यकर्ताओं और नेताओं को पद मिलने का इंतजार है।

