शराब कांड के बाद सागर में प्रशासन का एक्शन: होटल सत्यम , पाथवे रिसोर्ट के अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, दो शराब लाइसेंस निरस्त
सागर। शराब कांड के बाद सागर जिले में पुलिस और प्रशासन ने अब अवैध अतिक्रमण और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार को बहेरिया क्षेत्र में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर जांच और कार्रवाई की। इस दौरान एक रिजॉर्ट की बाउंड्रीवॉल सहित सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
पाथवे रिजॉर्ट पर कार्रवाई
प्रशासनिक टीम बहेरिया स्थित पाथवे रिजॉर्ट पहुंची। यहां अवैध निर्माण को चिह्नित करने के बाद कार्रवाई की गई और रिजॉर्ट की बाउंड्रीवॉल को जेसीबी से गिराया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और लोगों की भीड़ भी जमा रही।
सत्यम ढाबे के सामने से हटाया अतिक्रमण
इसके बाद टीम ने सत्यम ढाबा पर भी कार्रवाई की। ढाबे के सामने नेशनल हाईवे की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि सरकारी और हाईवे की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
मुनमुन ढाबे की नपती, रिकॉर्ड से होगा मिलान
बहेरिया क्षेत्र के मुनमुन ढाबे पर भी प्रशासनिक टीम पहुंची। यहां जमीन की नपती की गई और दस्तावेजों से उसका मिलान किया जा रहा है। प्रशासन के अनुसार रिकॉर्ड की जांच के बाद यदि अतिक्रमण सामने आता है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी। अनुविभागीय अधिकारी सागर (राजस्व) रोहित वर्मा के अनुसार, एनएच की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाया गया है, जबकि कुछ स्थानों पर नपती की गई है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
होटलों और रेस्टोरेंट पर भी शिकंजा
इस कार्रवाई का दायरा सिर्फ अतिक्रमण तक सीमित नहीं है। खाद्य और सुरक्षा मानकों को लेकर भी कई संस्थानों पर कार्रवाई की गई। होटल जलसा एंड रेस्टोरेंट से अजवाइन, बटर और चिकन के सैंपल लिए गए। जांच के दौरान वैध खाद्य रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं होने, किचन में गंदगी और आवश्यक दस्तावेजों की कमी जैसी बातें सामने आने की जानकारी दी गई। वहीं सत्यम ढाबा रेस्टोरेंट एंड रेसीडेंसी से पनीर और तुअर दाल के नमूने लिए गए। यहां भी संचालन एवं सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने की बात सामने आई। इसके अलावा सुरुचि होटल और हाईवे हब में भी सुरक्षा एवं राजस्व नियमों की जांच की गई और इन्हें सील किए जाने की जानकारी है।
दो शराब दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त
बंडा क्षेत्र में शराब कांड से जुड़े मामले में प्रशासन ने दो मदिरा लाइसेंस निरस्त किए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एफआईआर में लाइसेंसियों के नाम सामने आने के बाद मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 31(ख) के तहत यह कार्रवाई की गई। मगरधा मदिरा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का कंपोजिट लाइसेंस तथा बरेठी मदिरा दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर का लाइसेंस वर्ष 2026-27 के लिए निरस्त किया गया है।
अब कार्रवाई सिर्फ बयान नहीं, जमीन पर दिखाई दे रही है
शराब कांड के बाद सागर में प्रशासन का संदेश साफ दिखाई दे रहा है—अतिक्रमण हो, अवैध निर्माण हो या नियमों की अनदेखी, जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अलग-अलग मामलों में अंतिम जिम्मेदारी और दोष तय होना संबंधित जांच एवं कानूनी प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। अब नजर इस बात पर रहेगी कि प्रशासन की यह कार्रवाई कितनी दूर तक जाती है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे किन लोगों या संस्थानों पर शिकंजा कसता है।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।

