मध्यप्रदेश के दमोह जिले में आयोजित कुंडलपुर पंचकल्याणक महोत्सव में विराजे प्रमुख जैन आचार्य श्री विधासागर जी महाराज ने पंचकल्याणक महोत्सव में अपने प्रवचन के दौरान कहा कि भारत के संविधान में धर्म निरपेक्ष शब्द को हटाकर धर्म सापेक्ष करने का सुझाव दिया भारतीय पुरातन संस्कृति सभ्यता का करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि देश की रक्षा और उन्नति धर्म से विमुख होकर संभव नहीं है अंग्रेजो ने धर्म का अर्थ रिलीजन यानी सांप्रदायिक होना समझाया है जो कि पूर्णतः गलत है धर्म का अर्थ कर्तव्य का ठीक से पालन करना होता है । प्रवचन में आचार्य श्री ने कहा भारत में धर्म निरपेक्ष विदेशी परिभाषा के आधार पर कहा गया है जो सही नहीं है और इसमे धर्म को नहीं समझा गया है धर्म सदैव सद्भाव पर चलने की प्रेरणा देता है और आत्मा को पवित्र बनाता है उन्होने कहा कि हमारे देश की सनातन संस्कृति रही है कि धर्म पर चलने वाला राजा ही प्रजा को सुखी रख सकता है धर्म से विमुख होकर जनता का हित क्या संभव हो सकता है भारत के राजनेताओ को इस विषय में गंभीर चिंतन करना चाहिए कुंडलपुर में चल रहे एतिहासिक महोत्सव में देश के प्रमुख राजनेता आचार्य श्री विधासागर का आर्शीवाद लेने पहुंच रहे है।
सागर। डाॅ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी आजादी के बाद राष्ट्र की अखंडता के लिए प्राण…
शराब कांड के बाद सागर में प्रशासन का एक्शन: होटल सत्यम , पाथवे रिसोर्ट के…
नई दिल्ली। भारतभवः देशभर में बैंक कर्मचारियों की एक दिन की हड़ताल के कारण शुक्रवार…
नई दिल्ली। ब्रिक्स सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत से पहले भारत और रूस के बीच रिश्तों…
जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन सख्त, रूसल्ला और बहेरिया क्षेत्र में संयुक्त टीम की…
सागर | विशेष संवाददाता मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब कांड के बाद…