सम्पादकीय

छात्रों के सवाल पर सियासत क्यों खामोश है ?

भारत में बीते  एक महीने में दो बड़े छात्र आंदोलन ने बेपटरी और मनमर्जी से चल रही शिक्षा व्यवस्था को…

2 weeks ago

जेन-ज़ेड के आंदोलन ने मोदी सरकार को आईना दिखाया !

भारतीय राजनीति में लंबे समय से यह धारणा बनती जा रही थी कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के…

4 weeks ago

दतिया से भाजपा संदेश – दूसरी पीढ़ी को अवसर और वंशवाद को चुनौती

चौकाने वाली राजनीती की जनक मणि जाने वाली मोदी और शाह की नयी भाजपा ने एक बार फिर चुकाया है…

1 month ago

राम मंदिर – आस्था पर सवाल नहीं, व्यवस्था पर जवाब चाहिए

श्रीराम जन्म भूमि अयोध्या देश की न जाने कितनी पीढ़ियों ने अपने आराध्य श्री राम चंद्र जी की जन्मभूमि जहाँ…

2 months ago

लोकतंत्र : बर्तन मांजने वाली महिला से मंत्री पद तक का सफर

 आजादी के बाद से ही भारत में लोकतंत्र की उम्र और मजबूती को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जाती…

3 months ago

नीट परीक्षा रद्द लेकिन संकट अभी जारी है

ज़रा एक क्षण के लिए उन लाखों बच्चों की मनःस्थिति की कल्पना कीजिए जिन्होंने इस वर्ष 12वीं की परीक्षा दी,…

3 months ago

मध्यप्रदेश – दतिया की बेटी और व्यवस्था की विफलता

इस देश में आज भी रोज सुबह अमूमन हर आदमी सबसे पहले खबरों की जुगाली ही करता है कोई मुंह…

3 months ago

पश्चिम बंगाल में कमल का खिलना – सबसे बड़ी जीत!

हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में कई बड़े राजनीतिक संदेश छिपे हैं राज्य सरकारों की वापसी…

4 months ago

बागेश्वर धाम-आस्था, सामाजिक सेवा और बहस का संगम

मध्यप्रदेश के छतरपुर ज़िले स्थित बागेश्वर धाम एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में है। हाल ही में यहाँ…

6 months ago

बिहार चुनाव 2025 – पुरानी राजनीति ने भी अपने चश्में के नंबर बदले !

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के परिणामों ने सभी को चौकाया है न केवल विपक्ष को बल्कि सत्ताधारी भाजपा और राजद…

9 months ago