समाज

सड़क पर गाय और सदन में नारी की रही गूंज

भोपाल डेस्क 

देश में चल रहे गो सम्मान आह्वान के तहत प्रदेश में भी गौ भक्तो ने चिलचिलाती धूप में रैलियां निकाल कर तहसीलदार को ज्ञापन दिए वहीं सदन के अंदर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर बुलाए गए विशेष सत्र में सदन के अंदर दिनभर गहमागहमी का माहौल रहा। दरअसल सोमवार को मोहिनी एकादशी पर प्रदेश गाय और नारी के नाम रहा एक तरफ जहां साधु संतों के आह्वान पर पूरे देश में गौ सम्मान आह्वान अभियान के पहले चरण में 27 अप्रैल को पूरे देश में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौपा जाना था इसी सिलसिले में पूरे प्रदेश में चिलचिलाती ना धूप में गौ भक्त सड़कों पर निकले और कहीं पैदल तो कहीं गाड़ियों से कीर्तन करते हुए तहसीलदार या अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौपा ऋषिकेश में गौरा देवी चौक पर स्थित एसडीम ऑफिस में श्री मलूक पीठाधीश्वर आगरा पीठाधीश्वर राजेंद्र दास देवाचार्य के सानिध्य में ज्ञापन सोपा गया मध्य प्रदेश की बक्सवाहा तहसील में श्री श्री 108 किशोर दास जी गोरेलाल कुंज की अगुवाई में ज्ञापन सोपा गया। इसके पहले राज्य मंत्री कृष्णा गॉड ने कहा कि सदन में बिल गिरने से देश की महिलाओं को बड़ा झटका लगा है महिलाओं को उम्मीद थी कि उनकी राजनीतिक आकांक्षाओं को पंख मिलेंगे लेकिन कांग्रेस और विपक्ष ने उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया है पूर्व मंत्री और विधायक उषा ठाकुर ने बढ़े आक्रामक अंदाज में अपनी बात रखी उन्होंने कहा कि विपक्ष चाहे जितना विरोध कर ले लेकिन यह विधेयक पारित होकर रहेगा और देश में एक तिहाई प्रतिनिधित्व महिलाओं को मिलना तय है ।

सदन में सबसे वरिष्ठ विधायक पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने जब चर्चा की शुरुआत की तो उन्होंने फिल्म मदर इंडिया का वह सीन बड़े ही भावुक अंदाज में इमेजिन किया जिसमें खेत में नरगिस दत्त काम करती हैं। प्रदेश में अधिकांश जिलों में जिला मुख्यालय पर एक ही तहसील कार्यालय में ज्ञापन सोपा गया मसलन भोपाल शहर में चार तहसील कार्यालय है लेकिन गुफा मंदिर से गौ भक्त निकले और हुजूर तहसील में ज्ञापन सौपा तेज धूप के कारण एक ही स्थान तय किया गया था इस तरह की खबरें प्रदेश के अन्य जिलों से भी है जहां इस तरह का प्रयोग किया गया यदि पहले चरण के ज्ञापन पर सरकार कोई निर्णय नहीं लेती है तो फिर अगला चरण 27 जुलाई को जिला मुख्यालय पर कलेक्टर को ज्ञापन देने का रखा गया है। वहीं दूसरी ओर विधानसभा के विशेष सत्र में नारी शक्ति वंदन पर चर्चा से दिनभर गहमागरमी की स्थिति रही लगभग रात 8:30 बजे तक विधानसभा चली मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जहां कांग्रेस पर महिलाओं का हक रोकने का आरोप लगाया वहीं विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने पलट बार करते हुए कहा कि अगर नियत साफ है तो 33% आरक्षण तुरंत लागू किया जाए। परिसीमन का इंतजार क्यों। इसके पहले विधानसभा की कार्रवाई शुरू होते ही भाजपा और कांग्रेस के चुनिंदा विधायकों ने अपनी अपनी पार्टी का पक्ष रखा भाजपा की ओर से पार्टी ने सदन में पक्ष रखने के लिए बड़ी चतुराई से महिला और प्रभावी एवं अनुभवी विधायकों और मंत्रियों को चुना जिनमें प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल मंत्री कृष्णा गौर मंत्री संपतिया उइके प्रतिमा बागरी पूर्व मंत्री और विधानसभा में सबसे वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव पूर्व मंत्री उषा ठाकुर अर्चना चिटनिस विधायक रीति पाठक ललिता यादव ने मजबूती से पार्टी का पक्ष रखा और कांग्रेस को घेरा विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा की सभी मतभेदों को भुलाकर परिसीमन लागू करना जरूरी है ताकि सही आबादी के आधार पर संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके उन्होंने कहा कि जब जब मातृशक्ति का अवसर मिला है उसने न केवल नेतृत्व किया बल्कि समाज और देश को नई दिशा दी है। देवदत्त दुबे राजनैतिक गलियारा उनका इशारा महिलाओं की बदहाली की ओर था और उस बदहाली के दौर से किस तरह धीरे-धीरे महिलाएं सशक्त हो रही है और हम सब को मिलकर उनके सशक्तिकरण के लिए प्रयास करना है जिस तरह से गोपाल भार्गव ने अपने वक्तव्य की शुरुआत की और एक-एक बिंदु पर प्रकाश डाला उसे दौरान पूरे सदन में सन्नाटा अच्छा है रहा सभी एक टक भार्गव को सुनते रहे किसी ने भी तो टोका टाकी नहीं की शायद भाजपा ने इसी रणनीति के तहत भार्गव को संबोधन के लिए चुना था। विपक्ष की ओर से नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार हेमंत कटारे राजेंद्र सिंह फूल सिंह बरेया अनुभा मुनजारे झूमा सोलंकी ने पार्टी का पक्ष रखा नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरते हुए कहा कि महिला आरक्षण को लेकर सरकार स्पष्ट जवाब दे इस लागू कब किया जाएगा उन्होंने कहा कि महिलाएं आज आरक्षण चाहती हैं 2029 या 2047 में नहीं अगर सरकार की मनसा साफ है तो मौजूदा व्यवस्था में ही इसे लागू किया जाना चाहिए। उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने कहा कि सदन में एक तरफ मोदी हित की बात हो रही है दूसरी तरफ महिला हित की बात हो रही है जो महिलाओं के हित में काम करेंगे उनका आशीर्वाद लंबे समय तक मिलेगा। कुल मिलाकर एक तरफ जहां गाय के सम्मान के लिए सड़क पर पूरे प्रदेश में गौ भक्त उतरे वहीं दूसरी ओर नारी के सम्मान के लिए सदन के अंदर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच दिनभर गहमागरमी रही।

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