धर्म-ग्रंथ

विभाजनों से भरी दुनिया में भारत की एकता पहले से अधिक प्रासंगिक – मोदी

नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत का हर हिस्सा पवित्र है और वह एक ऐसी एकता की डोर से जुड़ा है जो भौगोलिक की सीमाओं से परे हे तथा आज की विभाजित दुनिया में एकता की यह भावना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है।मोदी ने पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाने के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर लिखे एक लेख में कहा कि गुजरात स्थित इस मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वालों तथा समय-समय पर इसका पुनर्निर्माण करने वालों के संघर्ष और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाजनों से भरी दुनिया में एकता की यह भावना पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है और सोमनाथ अपनी पूरी गरिमा के साथ हमेशा अडिग खड़ा रहेगा क्योंकि एकता और साझा सभ्यतागत चेतना की भावना हर भारतीय के हृदय में जीवित है।
उन्होंने कहा, “सोमनाथ की रक्षा और इसके पुनर्निर्माण के लिए जिन्होंने अपना सर्वस्व बलिदान किया, उनका संघर्ष हम कभी नहीं भुला सकते। भारत के विभिन्न हिस्सों से आए लोगों ने इसकी भव्यता और दिव्यता को लोटाने में अपना अद्भुत योगदान दिया। उनकी ऐसी ही आस्था पूरे भारतवर्ष को लेकर भी थी। वे एकता की ऐसी अद्धत डोर सेबंधे थे, जिसे जमीनी सीमाओं में नहीं बांटा जा सकता।” उन्होंने कहा, “आज की विभाजित दुनिया में, सोमनाथ से मिलने वाली एकता की यह सीख पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक है। सोमनाथ अपनी गौरवशाली परंपरा के साथ हमेशा खड़ा रहेगा क्योंकि यह हमारी साझा सभ्यता का प्रतीक है। इसी गौरव को नमन करते हुए बलिदान देने वाले वीरों की स्मृति में और दानवीरों की उदारता को याद करते हुए अगले एक हजार दिनों तक यहां विशेष पूजा आयोजित की जाएगी। यह देखकर बहुत प्रसन्नता हो रही है कि बड़ी संख्या में लोग इस पुनीत कार्य में अपना योगदान दे रहे हैं। “मोदी ने कहा, “में सभी देशवासियों से आग्रहकरता हूं कि इस पावन अवसर पर पवित्र सोमनाथ धाम की यात्रा करें और इसकी भव्यता के साक्षात दर्शन करें। जब आप सोमनाथ के तट पर खड़े होंगे, तब उसकी प्राचीन प्रतिध्वनियों को अपने भीतर महसूस करेंगे। वहां आपको केवल भक्ति का अनुभव नहीं होगा, बल्कि उस सभ्यतागत चेतना की सशक्त धड़कन भी सुनाई देगी, जो कभी रुकी नहीं जिसकी तीव्रता कभी कम नहीं हुई।”
उन्होंने कहा कि श्रद्धालु वहां भारत की उस अपराजित आत्मा का अनुभव करेंगे, जिसने हर आघात के बावजूद अपनी पहचान और अपनी संस्कृति को अक्षुण्ण बनाए रखा।
मोदी ने कहा, “आप समझ पाएंगे कि इतने प्रयासों के बाद भी क्यों हमारी सभ्यता मिट नहीं सकी। वहां आपको चिर विजय के उस दर्शन का अनुभव होगा जो सदियों से भारत की शक्ति बना हुआ है। मुझे पूरा विश्वास है कि आपके लिए यह एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।” उन्होंने कहा कि 2026 की शुरुआत में उन्हें सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सम्मिलित होने का सौभाग्य मिला जो सोमनाथ मंदिर पर हुए पहले आक्रमण के एक हजार वर्ष बाद भी मंदिर के शाश्वत और अविनाशी होने का पर्व था। मोदी ने कहा कि उन्हें पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के लोकार्पण की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में अब 11 मई को एक बार फिर सोमनाथ जाने का सुअवसर प्राप्त होगा।

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