जीवन मे चार पुरुषार्थ प्रमुख होते हैं। पहले तीन हैं धर्म अर्थ और काम इन तीनों को करते करते चौथे का भाव स्वतः ही पैदा
Category: धर्म-ग्रंथ
गंगा के घाटन में ,काफिर बसंत है
कल भी बसंत था,आज भी बसंत है। बसंत इसलिए है क्योंकि इसका कभी अंत नहीं होता। ये बारह साल में नहीं बल्कि हर साल आता
महाकुंभ में स्टीव जॉब्स की पत्नी लॉरेन का संन्यासी रूप
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो चुकी हैए और इस बार महाकुंभ का आयोजन न सिर्फ देशए बल्कि विदेशों में भी चर्चा
नित-नए कीर्तिमानों का महाकुम्भ
लिखना तो था ४१ दिन से चल रहे किसान आंदोलन के बारे में ,लेकिन नहीं लिख रहा। लिखकर करूंगा भी क्या ? सरकार तो नींद
नए साल में मथुरा वृंदावन जा रहे है तो पहले ये जानिए
नए साल के मौके पर मथुरा-वृंदावन में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। इसे ध्यान में रखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने खास इंतजाम
मोक्षदा एकादशी : गीता जयंती और सियाराम बाबा का जाना
गीता भी कर्म के महत्व को प्रतिपादित एकादशी पर जन्मे और एकादशी के दिन ही सियाराम बाबा का देवलोक गमन हुआ। वे हमेशा कहा करते
डकैतों की माता कहा जाता हैं मां अबार की माता को
बुंदेलखंड का प्रसिद्ध क्षेत्र है अबार माता का दरबार बुंदेलखंड के नामी डकैतों के अलावा आल्हा ऊदल जैसे वीरों की मनोकामना पूर्ण की अबार
हरसिद्धि मां के दरबार में पूरी होती है हर मनौती
मां के दरबार में पूरी होती है हर मनौती दूर-दूर तक फैली है रानगिर की मां हरसिद्धि माता की ख्याति सागर से करीब 60 किलोमीटर दूर नरसिंहपुर
रैवासा पीठ के उत्तराधिकारी मलूक पीठाधीश्वर देवाचार्य राजेंद्र दास जी महाराज
आध्यात्मिक क्षेत्र की बुलंदी पर बुंदेलखंड समस्त धमों का वेदों का शास्त्रों का सार यही है कि जीवन में परिश्रम करके या जोड़-तोड़ करके भौतिक
हर समस्या का समाधान एक ही है कि अपना पुण्य बढ़ाएँ:मुक्तानंद जी
गुरु पूर्णिमा पर शिष्यों ने किया पुण्य वर्धक निर्वाणी मुद्रा का अभ्यास सागर। सागर जिले में अध्यात्म योग और आयुर्वेद की त्रिवेणी माने जाने बाले

