ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के सहयोगी दलों ने उठाये सवाल

ज्ञानेश कुमार पर भाजपा के सहयोगी दलों ने उठाये सवाल

चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर उठ रहे सवालों के बीच अब विपक्ष ही नहीं, बल्कि सरकार के अपने सहयोगी दल भी खुलकर सामने आ गए हैं।
बिहार के दो बड़े नेताओं—केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा—ने चुनावी व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर गंभीर चिंता जताई है। दोनों ही नेताओं ने चुनाव आयोग (EC) को नसीहत देते हुए कहा है कि जनता के मन में उठ रहे ‘एसआईआर’ (SIR) विवाद और भ्रम को दूर करने के लिए आयोग को तुरंत और अधिक मजबूती से अपना स्पष्टीकरण देना चाहिए।
चिराग पासवान का बड़ा बयान: ‘हम सरकार में हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं के ढाल नहीं’
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने सरकार का हिस्सा होने के बावजूद बेहद निष्पक्ष और कड़ा रुख अपनाया है। उनकी मुख्य बातें इस प्रकार हैं चिराग ने साफ कहा कि अगर देश की जनता का चुनावी व्यवस्था से भरोसा उठने लगा, तो यह हमारे लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे सरकार में जरूर हैं, लेकिन किसी भी संवैधानिक संस्था की कमियों का अंधाधुंध बचाव नहीं करना चाहते चिराग के अनुसार, चुनाव आयोग को आगे आकर अधिक मजबूती के साथ जनता के सामने अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि लोगों के मन की हर शंका दूर हो सके।
उपेंद्र कुशवाहा की मांग: 
असमंजस की स्थिति को तुरंत खत्म करे चुनाव आयोग’ राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा ने भी इस मुद्दे पर चिराग पासवान के सुर में सुर मिलाया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर पोस्ट साझा करते हुए कहा ‘एसआईआर’ पर उत्पन्न ताजा विवाद के कारण देश की जनता के बीच काफी कंफ्यूजन और उलझन की स्थिति बन गई है। इस विषय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। चुनाव आयोग को बिना किसी देरी के तुरंत सही स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि जनता का भ्रम दूर हो।

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