बंडा शराबकांड – फरार आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर दिग्विजय सिंह ने प्रशाशन पर उठाए सवाल

बंडा शराबकांड – फरार आरोपी का शॉर्ट एनकाउंटर दिग्विजय सिंह ने प्रशाशन पर उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री ने रिटायर्ड जज को जांच से हटाने की मांग की, शराब कारोबारियों और डिस्टलरियों पर कार्रवाई का भी उठाया मुद्दा

सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा क्षेत्र में सामने आए जहरीली शराबकांड ने एक बार फिर राजनीतिक और प्रशासनिक सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले में फरार चल रहे 21 वर्षीय आरोपी शिवांजय राजपूत को पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने शराबकांड की न्यायिक जांच की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े करते हुए सरकार से जांच समिति में नियुक्त रिटायर्ड जज को हटाने की मांग की है।

                                 पुलिस के मुताबिक शिवांजय राजपूत के कठुआ नाला के पास जंगल के रास्ते अपने गांव छापरी पहुंचने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर बांदरी और बहरोल थाना पुलिस की टीमों ने इलाके में घेराबंदी की।रविवार सुबह करीब चार बजे पुलिस और आरोपी का सामना हुआ। पुलिस का दावा है कि सरेंडर करने के लिए कहे जाने के बावजूद आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने तीन गोलियां चलाईं। जवाबी फायरिंग में एक गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके कब्जे से 315 बोर का देशी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, तीन खाली कारतूस, मोबाइल फोन और मोटरसाइकिल बरामद किए जाने की बात कही गई है। घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

दिग्विजय सिंह ने न्यायिक जांच और प्रशासन पर उठाए सवाल

इधर, शराबकांड को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने रविवार को सरकार की जांच व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि न्यायिक जांच के लिए रिटायर्ड जज चौहान को नियुक्त किया गया है, लेकिन उन्हें इस जांच की निष्पक्षता पर भरोसा नहीं है। पत्रकार वार्ता में दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि शराबकांड में पुलिस और प्रशासन छोटे स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि शराब निर्माण से जुड़े बड़े लोगों, डिस्टलरियों और शराब ठेकेदारों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने शराब निर्माण और वितरण की पूरी श्रृंखला की जांच कराने तथा संबंधित कारोबारियों की संपत्तियों और व्यावसायिक गतिविधियों की भी जांच की मांग उठाई।पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों की आर्थिक स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि मृतकों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता नहीं मिली है और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि पीड़ित परिवारों को कितना मुआवजा दिया जा रहा है।उन्होंने प्रभावित परिवारों को नौकरी देने की मांग भी उठाई। दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 30 परिवारों से मुलाकात कर उनकी स्थिति जानी है। दिग्विजय सिंह ने चार प्रभावित परिवारों को गोद लेने और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये की सहायता देने और उनके बच्चों की शिक्षा का खर्चा उठाने की बात भी कही। उन्होंने अन्य कांग्रेस जानो से भी पीड़ित परिवारों को गॉड लेने कि बात कही ।

गोपाल और भूपेंद्र पक्के तो गोविन्द को बताया पंजा छाप भाजपाई 

दिग्विजय सिंह ने सागर में मंत्री और पूर्व मंत्री से जुड़े बताए जा रहे बारों पर जांच कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। उन्होंने शराब और बीयर बार कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियों तथा कारोबार की जांच की मांग की।साथ ही उन्होंने बुंदेलखंड की भाजपा की अंदरूनी राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की और गोपाल भार्गव, भूपेंद्र सिंह तथा गोविंद सिंह राजपूत से जुड़े राजनीतिक समीकरणों का उल्लेख करते हुए कहा की सागर के जो भाजप के बड़े चेहरे है उनमे गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सींग तो पक्के भाजपा वाले हैं लेकिन गोविन्द सींग राजपूत पंजा छाप है में इनके परिवार को वर्षों से जनता हूँ गुलाब सिंह जब अध्यक्ष थे, तब इनके पास क्या था? और आज इनके पास कितनी सम्पत्ति है  ​उन्होंने कांग्रेस सरकार का हवालका देते हुए कहा कि 2018 में कमलनाथ सरकार बनते ही परिवहन मंत्रालय  के लिए सिंधिया जी ने दबाब डलवाया ।

⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए  कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।

Share this...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *