मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – कहीं खुशी कहीं गम फिर भी 2028 के लिए बढ़ाना है दम

बिहार विधानसभा के चुनाव परिणाम आने के बाद प्रदेश में भाजपा नेता और कार्यकर्ता जहां उत्साहित है वही विपक्षी दल कांग्रेस गम में है लेकिन

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – महामंत्री – एडजस्टमेंट या या बीजेपी का नया पावर सेंटर

भाजपा संगठन के सबसे पावरफुल पदाधिकारी उसके चार नए महामंत्री क्या मोहन , हेमंत, हितानंद की पटकथा मिशन 2028 विधानसभा चुनाव के सबसे बड़े किरदार

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – भाजपा कांग्रेस अहम का टकराव दोनों तरफ

एक तरफ जहां प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस विधानसभा चुनाव 2028 की तैयारी में जुटे हुए हैं वहीं दूसरी ओर दलों

राज – काज – पार्टी का बंटाढार कर रहे भाजपा-कांग्रेस के ये नेता

इन तेवरों के बाद साध्वी उमा को टिकट देगा नेतृत्व – भाजपा की फायर ब्रांड नेता रहीं पूर्व मुख्यमंत्री साध्वी उमा भारती ने लंबे समय

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – प्रदेश में दुरुस्ती के दौर में दल

प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अपने-अपने दल को दुरुस्त करने में लगे हुए देर से आएंगे लेकिन दुरुस्त आएंगे का भाव

ज्योतिरादित्य को खानसामा मत समझिये, वे महाराज ही हैं

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की इस तस्वीर को देखकर आजकल कहा जा रहा है कि भाजपा ने पांच साल में ही महाराज (राजा)को महाराज(खानसामा )बना

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – जब उमा भारती और संजय जोशी का एक साथ धरातल पर

इस-पन्द्रह मंत्री बनाने की सलाह नहीं मानी उमा भारती ने इसके पहले जब बाबूलाल गौर को हटाकर शिवराज सिंह को मुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया

हमारा इतिहास : प्रणव मुखर्जी के भाषण के लिए बंगाली श्रोताओं का इंतजाम

चुनावों में भाजपा की तरफ से केन्द्रीय कानून मंत्री अरुण जेटली को मध्यप्रदेश में चुनाव का प्रभारी बनाया गया था। जेटली ने उस साल प्रदेश