राजनीति से परे अपनेपन, प्रेम, पारिवारिक त्रासदियों और संघर्षों की कहानी लेकर आ रहीं सोनिया गांधी
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी अब अपनी जिंदगी के उन पन्नों को दुनिया के सामने लाने जा रही हैं, जिनमें राजनीति से ज्यादा रिश्तों, भावनाओं, अपनों को खोने के दर्द और एक नए देश में अपनी पहचान तलाशने का संघर्ष दर्ज है। उनकी आगामी किताब ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ को लेकर राजनीतिक और साहित्यिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच सोनिया गांधी ने सोशल मीडिया की दुनिया में भी नई शुरुआत करते हुए पहली बार इंस्टाग्राम पर अपना अकाउंट बनाया है।गुरुवार सुबह नौ बजे इंस्टाग्राम पर अपनी पहली पोस्ट साझा करते हुए सोनिया गांधी ने किताब का वीडियो जारी किया। उन्होंने लिखा कि यह प्रेम, कर्तव्य, अपनों को खोने और अपनेपन की जगह तलाशने की कहानी है। उन्होंने इस यात्रा को पाठकों के साथ साझा करने की उत्सुकता भी जाहिर की। वीडियो में सोनिया गांधी अपने करीबियों और बेटी प्रियंका गांधी के साथ दिखाई देती हैं। एक भावुक दृश्य में प्रियंका अपनी मां को मिठाई खिलाती नजर आती हैं।
इटली से भारत तक का सफर, रिश्तों और बदलावों की कहानी
सोनिया गांधी की यह किताब उनके जीवन के कई महत्वपूर्ण पड़ावों को सामने लाएगी। इटली में बीते बचपन से लेकर कैंब्रिज में राजीव गांधी से मुलाकात, फिर विवाह के बाद भारत आगमन और भारतीय समाज व संस्कृति को अपनाने तक के अनुभव इसमें शामिल बताए जा रहे हैं।एक विदेशी परिवेश में पली-बढ़ी युवती के लिए भारत में नई जिंदगी शुरू करना आसान नहीं रहा होगा। हिंदी सीखना, साड़ी पहनना, भारतीय खानपान और परंपराओं के साथ तालमेल बैठाना—ये केवल जीवनशैली में बदलाव नहीं थे, बल्कि एक नई दुनिया को समझने और उसमें अपनी जगह बनाने की प्रक्रिया भी थे।किताब में इंदिरा गांधी से पहली मुलाकात और नेहरू-गांधी परिवार में विवाह के बाद के अनुभवों का भी जिक्र है। इस लिहाज से यह पुस्तक केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व की आत्मकथा नहीं, बल्कि एक महिला के निजी जीवन, भावनात्मक बदलावों और पहचान की तलाश को समझने का अवसर भी हो सकती है।
तीन बड़ी त्रासदियां, जिन्होंने बदल दी जिंदगी
सोनिया गांधी के जीवन की कहानी उन दुखद घटनाओं से भी जुड़ी है, जिन्होंने उनके परिवार और सार्वजनिक जीवन को गहराई से प्रभावित किया। संजय गांधी की विमान दुर्घटना में मृत्यु, वर्ष 1984 में इंदिरा गांधी की हत्या और वर्ष 1991 में राजीव गांधी की हत्या जैसी त्रासदियों ने परिवार की जिंदगी की दिशा बदल दी।इन घटनाओं के बाद निजी दुख और सार्वजनिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना सोनिया गांधी के जीवन का एक अहम पहलू रहा। किताब में इन अनुभवों का किस तरह वर्णन किया गया है, यह पाठकों के लिए विशेष दिलचस्पी का विषय होगा।
प्रकाशन को लेकर भी रहा विवाद
किताब के प्रकाशन की यात्रा भी चर्चा में रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पहले पेंग्विन इंडिया इसके प्रकाशन से पीछे हट गई थी, जिसके बाद हार्पर कॉलिन्स इंडिया के माध्यम से पुस्तक प्रकाशित किए जाने की बात सामने आई। ‘बिलॉन्गिंग: अ जर्नी ऑफ लव’ का प्रकाशन 10 नवंबर को प्रस्तावित है। इसके सामने आने के बाद पाठकों को सोनिया गांधी के निजी अनुभवों, पारिवारिक जीवन और सार्वजनिक भूमिका के पीछे की मानवीय कहानी को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।सोनिया गांधी को आमतौर पर भारतीय राजनीति के एक प्रमुख चेहरे के रूप में देखा जाता है। लेकिन किसी भी सार्वजनिक व्यक्तित्व की जिंदगी केवल उसके राजनीतिक फैसलों और पदों तक सीमित नहीं होती। उसके पीछे रिश्ते, स्मृतियां, निजी संघर्ष और ऐसे अनुभव भी होते हैं, जो सार्वजनिक मंचों पर अक्सर सामने नहीं आ पाते।उनकी यह किताब इसी निजी दुनिया की खिड़की खोलने का दावा करती है। अब देखना होगा कि सोनिया गांधी अपनी कहानी में किन अनुभवों को कितनी स्पष्टता से साझा करती हैं और पाठक उनके जीवन के उन पहलुओं को किस नजरिये से देखते हैं, जो अब तक राजनीतिक विमर्श के पीछे छिपे रहे हैं।
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