बाघों से गुलजार संरक्षित क्षेत्र नौरादेही अभयारण्य, सागर को मध्यप्रदेश शासन द्वारा सितम्बर 2023 में रानी दुर्गावती अभयारण्य, दमोह के साथ संलग्न कर वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर घोषित किया गया है। जिसके अंदर बसे ग्रामों का विस्थापन कर बाघों के रहवास बनाने हेतु कार्य प्रचलन में है। जिसके तारतम्य में दिनांक 27/03/2024 को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया से एक नर एवं एक मादा बाघ को परिक्षेत्र डोंगरगांव अंतर्गत विस्थापित ग्राम महका क्षेत्र में व्यारमा नदी के किनारे सफलतापूर्वक खुले वनक्षेत्र में छोड़ा गया है। दोनो बाघों पर रेडियो कॉलर लगे हुए है तथा सतत अनुश्रवण किया जा रहा है। छोड़े गए मादा बाघ को ID No. N-4 तथा नर बाघ को ID No. N-5 दिया गया है।
बाघों को छोड़े जाने के संपूर्ण अभियान के दौरान बांधवगढ़ के उप संचालक श्री पी.के. वर्मा, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर के उप संचालक, डॉ. ए.ए.अंसारी, संजय टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक श्री अभय सेंगर, NGO WCT की ओर से डॉ. प्रशांत देशमुख, उप वनमंडल अधिकारी ताला श्री फतेह सिंह निनामा, उप वनमंडल अधिकारी, बरमान, श्रीमती रेखा पटेल, गेम परिक्षेत्र अधिकारी सर्रा, गेम परिक्षेत्र अधिकारी नौरादेही, गेम परिक्षेत्र अधिकारी डोंगरगांव, परिक्षेत्र अधिकारी तारादेही, वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर का वन अमला, तथा वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व, सागर एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया का रेस्क्यू दल उपस्थित रहा। जिनके विशेष प्रयास से बाघों को सफलतापूर्वक एवं सुरक्षित रूप से वनक्षेत्र में छोड़ा गया।
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