ब्राह्मण बेटियों के खिलाफ अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी करने वाले प्रमोटी इस आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ दिन प्रतिदिन असंतोष बढ़ता जा रहा है क्योंकि 7 दिन के नोटिस देने के बाद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
दरअसल पर संतोष वर्मा ने जिस भाषा में ब्राह्मण बेटियों को लेकर बात कही थी वह अब अंदर ही अंदर घधक रही है इस मामले में भाजपा और कांग्रेस के अलावा कर्मचारी संगठन के नेता भी मैदान में आ गए हैं अब बात बयान तक सीमित नहीं रही है बल्कि संतोष वर्मा को कैसे प्रमोशन मिले और जेल में 6 महीने रहने के बाद कैसे भी नौकरी कर रहे हैं इसके पहले महिलाओं की शिकायतों पर क्या हुआ ऐसे तमाम मुद्दे अब बाहर निकल रहे हैं संतोष वर्मा चौतरफा से घिर गए है सफाई भी दे रहे हैं माफी भी मांग रहे हैं लेकिन उनके खिलाफ आक्रोश हमने का नाम नहीं ले रहा है।
बहरहाल भाजपा और कांग्रेस के नेताओं ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मिलकर संतोष वर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने का ज्ञापन दिया है इस प्रतिनिधि मंडल में दोनों दलों के विधायक भी थे और संतोष शर्मा को तत्काल निलंबन करने की मांग रखी गई थी इसी तरह भाजपा और कांग्रेस विधायकों के अलावा कर्मचारी संगठन भी एकजुट हो गए हैं भाजपा के दो सांसद भारत सरकार से संतोष वर्मा के विरोध कार्रवाई करने और उनकी गुरुवार तक संतोष वर्मा को राज्य शासन के नोटिस का जवाब देना था उन्हें 7 दिन का समय दिया गया था अब माना जा रहा हे इसके बाद उनके विरुद्ध कार्रवाई हो सकती है मंत्रालय सेवा कथित गलत पदोन्नति की जांच करने की मांग कर चुके हैंअधिकारी कर्मचारी संघ का कहना है कि जवाब आने के बाद विभाग क्या कार्रवाई करता है इस पर हमारा अगला कदम तय होगा पूर्व मंत्री पूर्व नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ विधायक गोपाल भार्गव ने संतोष वर्मा पर लगे आरोपों पर सवाल उठाया है उन्होंने कहा कि बेटियों के खिलाफ आपत्तिजनक बात करने और फर्जी जजमेंट मामले में जेल जा चुके अधिकारी पर अब तक करवाई ना होना चिंताजनक है।
भार्गव का यह भी कहना है कि ऐसे विवादित अधिकारी की पोस्टिंग मंत्रालय जैसी संवेदनशील पद पर कैसे की गई इस मुद्दे ने भार्गव से मुलाकात कर मामले को उच्च स्तर पर उठाने की मांग की मंत्रालय सेवा अधिकारी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष इंजीनियर सुधीर नायक ने बताया कि मुलाकात के दौरान उच्च पर पर सामान्य वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों के प्रतिनिधि मंडल अधिकारियों में बढ़ते जातिवाद पर भी चर्चा हुई उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति कर्मचारियों के कार्य माहोल को प्रभावित कर रही है और सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए मुलाकात के दौरान मंत्रालय और विभिन्न विभागों से जुड़े सदस्य मौजूद रहे जिनमें सुधीर नायक विजय रघुवंशी श्याम सुंदर शर्मा अशोक पांडे आशीष सोनी राजकुमार पटेल हरि शरण द्विवेदी अंकित अवधिया मतीन खान महेश विश्वकर्मा श्याम बिहारी दुबे और सुनील शुक्ला शामिल है।कुल मिलाकर आईएएस संतोष वर्मा के खिलाफ लगातार असंतोष बढ़ रहा है पूरे प्रदेश में सामान्य वर्ग के लोग आंदोलन कर रहे हैं महिलाएं भी सड़कों पर आ गई है भाजपा और कांग्रेस के नेता एवं कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी भी अब इस मुद्दे एकजुट हो गए हैं।
देवदत्त दुबे
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