शून्य से शिखर पर पहुंची भाजपा समय-समय पर ऐसे चौंकाने वाले निर्णय लेती रहती है जिसके चलते आम कार्यकर्ता की जहां उम्मीद बनी रहती है वही पार्टी के प्रति निष्ठा भी बढ़ती है रजनीश अग्रवाल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने यही संदेश दिया है कि कार्यकर्ता पार्टी के प्रति समर्पित रहे एक दिन कार्यकर्ता की निष्ठा को जरूर प्रतिष्ठा मिलेगी। दरअसल राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं जिसमें मध्य प्रदेश से पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुग और प्रदेश सचिव रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है रजनीश अग्रवाल प्रदेश के बुंदेलखंड इलाके से आते हैं और पिछले लगभग तीन दशक से पार्टी संगठन में विभिन्न पदों पर रहते हुए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रहे हैं पार्टी की रणनीति को बूथ स्तर तक पहुंचाने का काम हो या चुनावी प्रबंधन का मामला हो प्रत्येक मौके पर रजनीश अग्रवाल ने अपनी उपयोगिता सिद्ध की है पिछले दो लोकसभा चुनाव के दौरान उनका सागर लोकसभा से टिकट के लिए भी नाम चला लेकिन उन्होंने कभी इसके लिए जोड़ तोड़ नहीं की पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बनने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि अब रजनीश अग्रवाल को कोई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी मिल सकती है और गुरुवार को जब पार्टी हाईकमान ने राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची जारी की तो मध्य प्रदेश से एक नाम रजनीश अग्रवाल का भी उसमें शामिल था ।
मध्य प्रदेश में कार्य करने के दौरान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रजनीश अग्रवाल की कार्यशैली और पार्टी के प्रति समर्पण को समझ लिया था वह रजनीश अग्रवाल की शादी में भी शामिल होने भोपाल आए थे। बहरहाल भाजपा हाई कमान चौंकाने वाले निर्णय लेने के लिए भी जानी जाती है राष्ट्रपति का चुनाव लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव हो राज्यों के मुख्यमंत्रीयो के चयन का मामला हो पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बनाने का मामला हो लोकसभा राज्यसभा और विधानसभा में प्रत्याशी चयन का मामला हो पार्टी कोई ना कोई निर्णय ऐसा जरूर लेती है जिसको देखकर आम कार्यकर्ता की उम्मीद जाग जाती है कि किसी न किसी दिन उसको भी मौका मिल सकता है। पिछले राज्यसभा के चुनाव के दौरान जबलपुर की पार्षद सुमित्रा वाल्मीकि का चयन और इस बार रजनीश अग्रवाल का राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया जाना पार्टी के आम कार्य कर्ता के लिए एक सकारात्मक संदेश है जिसमें पार्टी के प्रति निष्ठा समर्पण कार्यकर्ता बनाए रखें तो पार्टी उसका मूल्यांकन जरूर करेगी। कुल मिलाकर एक आम धारणा थी कि राज्यसभा में उद्योगपति बड़े नेता यहां तक की आवकारी व्यवसाई तक अधिकांश भेजे जाते थे लेकिन एक आम आदमी एक आम कार्य कर्ता भी राज्यसभा जा सकता है भाजपा राजनीति का यह पैटर्न भी बदल रही है।
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