लोकतंत्र-मंत्र

क्या सचमुच वे राहुल गांधी अब नहीं रहे?

शीर्षक पढ़कर न चौंकिए और न राहुल गांधी को लेकर मन में कोई बुरा ख्याल आने दीजिए। दरअसल मुझे ये शीर्षक राहुल गांधी ने ही अनायास दे दिया है। उन्होंने ने ही ये ऐलान किया है कि मीडिया जिस राहुल गांधी को जानती थी उसे मैंने मार दिया है। राहुल गांधी को पप्पू मानने वाले राहुल गांधी की इस घोषणा का अर्थ शायद नहीं समझ सकते। उन्हें समझना भी नहीं चाहते, क्योंकि वे राहुल गांधी को पहले से मरा समझकर चल रही है। राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से मारने की कोशिशों को आठ साल हो गए हैं, लेकिन मार नहीं पा रहे हैं। कोई 122 दिन से सड़कों पर जीवन बिता रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा है कि उन्होंने “राहुल गांधी को मार दिया है” और अब अपनी छवि को लेकर वे जरा भी चिंतित नहीं है. उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत जोड़ो यात्रा को लेकर उनका जिक्र नहीं होना चाहिए. राहुल ने कहा है कि-, “राहुल गांधी आपके दिमाग में है, मैंने उन्हें मार दिया है. वह मेरे दिमाग में बिल्कुल भी नहीं है. वह चले गए हैं. आज की राजनीति छवियों की राजनीति है।आज की राजनीति में प्रासंगिक बने रहने के लिए दिन में छह बार पोशाक बदलना पड़ती है। पता नहीं क्यों राहुल गांधी प्रासंगिक नहीं रहना चाहते। राहुल गांधी ने कहा, “जिस शख्स को आप देख रहे हैं वह राहुल गांधी नहीं है. आप उन्हें देख सकते हैं. इसे समझ नहीं सकते…हिंदू धर्मग्रंथों को पढ़ें, शिव जी ( भगवान शिव) के बारे में पढ़े तब आप समझ पाएंगे. चौंकिए मत. राहुल गांधी आपके दिमाग में हैं, मेरे में नहीं. वह बीजेपी के दिमाग में हैं, मेरे में नहीं.” पत्रकारों के लिए सहज उपलब्ध राहुल गांधी ने कहा, है कि””आप लोग इतने हैरान क्यों दिख रहे हैं? मुझे छवि से कोई लेना-देना नहीं, छवि में मुझे कोई दिलचस्पी नहीं है. आप मुझे जो चाहें, छवि दे सकते हैं “।

कृपया यह भी पढ़ें –

सब जानते हैं कि पिछले आठ वर्षों में लगातार चुनावी पराजयों के बाद राहुल ने 2019 में कांग्रेस का अध्यक्ष पद छोड़ दिया था. सितंबर2022 में उन्होंने अपने को अध्यक्ष पद की दावेदारी से अलग कर दिया था. अब सवाल ये है कि क्या सचमुच राहुल गांधी ने खुद को मारकर भारत जोड़ो यात्रा के जरिए कोई नया राहुल गांधी गढ़ लिया है? यदि हां तो क्या नया राहुल गांधी, प्रधानमंत्री मोदी की नई राजनीतिक छवि का मुकाबला कर सकते हैं ? संयोग से आज के किसी भी नेता की छवि मुझे अंधभक्त नहीं बना सकी।न अवतार पुरुष माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी,न ही राहुल गांधी। हालांकि दोनों नेताओं ने अपने -अपने तरीके बदलकर जनता को विकल्प दे दिया दे । अभी जनता के पास सोचने -समझने के लिए पर्याप्त समय है। इस बात में कोई शक नहीं है कि मोदी जी ने अपनी तिलस्मी छवि से देश और दुनिया की आंखों में अपनी और अपनी पार्टी को महत्वपूर्ण बनाने का भगीरथ प्रयास किया है। लालकृष्ण आडवाणी के बाद मोदी दूसरे व्यक्ति हैं जो छवियों की सियासत करने में कामयाब हुए हैं, लेकिन आठ साल बाद भी देश को कांग्रेस विहीन करने का सपना अधूरा है। राहुल गांधी के अहं की शहादत अब शायद ही इस सपने को पूरा करने दे। आजादी के पहले दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे मोहनदास करमचंद गांधी ने भी अपने भीतर के उस गांधी को मारा था जो भारतीय जनमानस के अनुरूप नहीं था।नये फकीरनुमा गांधी को देश ने अपने संघर्ष की अगुवाई के लिए स्वीकार किया था। पिछले आठ साल में आपने गौर किया हो तो पाएंगे कि भाजपा और कांग्रेस में अपने शीर्ष हस्तियों की छवि निर्माण का काम हुआ। बाद में ये संघर्ष छवि मर्दन में बदल गया। राहुल गांधी ने पुराने अपरिपक्व राहुल गांधी को मारकर एक जननेता की छवि बनाने की कोशिश की है।इस कोशिश में वे बढ़त हासिल करने में कामयाब भी रहे हैं।अब देखना यह है कि नये राहुल गांधी पुराने नरेन्द्र मोदी के लिए चुनौती खड़ी कर पाएंगे या फिर ‘पप्पू’ ही बने रहेंगे।

व्यक्तिगत विचार-आलेख-

श्री राकेश अचल जी  जी ,वरिष्ठ पत्रकार  एवं राजनैतिक विश्लेषक मध्यप्रदेश  । 

https://www.youtube.com/c/BharatbhvhTV

⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए  कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें और हमारे लघु प्रयास को अपना विराट सहयोग प्रदान करें , धन्यवाद।

 

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

पद्मश्री अखाड़ा गुरु भगवानदास रायकवार ‘दाऊ’ जी पंचतत्व में विलीन

एसडीएम द्वारा ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी,  गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया,…

10 hours ago

सुरखी मेरा परिवार, परिवार के हर सदस्य का विकास करना मेरा संकल्प- गोविंद सिंह

ग्राम सोठिया, बरौदासागर और हिन्नोद में मंत्री राजपूत ने किया 15 करोड़ के विकास कार्यों…

2 days ago

DTAB प्रस्ताव के खिलाफ एमपी फार्मासिस्ट एसोसिएशन का ज्ञापन

केंद्र सरकार से सिफारिश निरस्त करने और होलसेल दवा लाइसेंस में फार्मासिस्ट की अनिवार्यता की…

2 days ago

तीन दशक का इंतजार खत्म,अब 33% भागीदारी का रास्ता साफ –  सांसद वानखेड़े

 सागर संसद में सागर लोकसभा क्षेत्र की सांसद डॉ. लता वानखेड़े ने संविधान संशोधन विधेयक, संघराज्य क्षेत्र…

2 days ago

क्रॉस वोटिंग रोकने कांग्रेस की कोशिशें हुई तेज

जिस तरह से भाजपा खेमे से चर्चा चल पड़ी है कि वह प्रदेश की राज्यसभा…

4 days ago

महिलाओं को आरक्षण पर भाजपा कांग्रेस में ठनी

संसद में महिला आरक्षण बिल को सभी दलों का सर्मथन प्राप्त है फिर भी इसमें…

6 days ago