मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – दतिया “कोई भी जीते हारेंगे तो नरोत्तम ही”

मध्य प्रदेश के दतिया विधान सभा उप चुनाव में गजब का पेंच फंसा है कि आखिर कौन जीतेगा ? हालांकि मतगणना के साथ ही प्रश्नों

ई-20 पेट्रोल – सस्ता ईंधन का वादा, अब ‘किसानों के सम्मान’ का नया तर्क?

भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की एक विशेषता है—वह अपने हर बड़े फैसले के समर्थन में समय के साथ नया तर्क खोज लेती है।

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – तीसरी सीट के लिए तिकड़म तेज

रविवार का दिन राजनीतिक रस्सा कशी का रहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पूरा दिन रिजर्व रखा कांग्रेस विधायकों पर पार्टी की पैनी नजर रही

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – निष्ठा को प्रतिष्ठा. ताकि उम्मीदें कायम रहे

शून्य से शिखर पर पहुंची भाजपा समय-समय पर ऐसे चौंकाने वाले निर्णय लेती रहती है जिसके चलते आम कार्यकर्ता की जहां उम्मीद बनी रहती है

त्विषा शर्मा केस – ऊंट का पहाड़ के नीचे आना

भारतीय मुहावरे और कहावतें मुझे सिर्फ इसीलिए पसंद हैं क्योंकि वे सटीक भी लगती हैं और प्रामाणिक भी. भोपाल के चर्चित त्विषा शर्मा हत्याकांड में

बंगाल के हाल – बीजेपी धर्मशाला ही है सामिक मोशाय

मै बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य का मुरीद हो गया हूँ. सामिक भाजपा के ऐसे पहले नेता हैं जिन्होने बुलंद आवाज में दलबदल

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