मध्यप्रदेश – दतिया में दिग्गजों को दम दिखाने का मौका

मध्यप्रदेश – दतिया में दिग्गजों को दम दिखाने का मौका

 भोपाल – भारतभवः

दतिया विधानसभा उपचुनाव की घोषणा हो गई है जो की राजेंद्र भारती की सदस्यता खत्म होने के कारण रिक्त हुई थी प्रदेश में दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेता दल के अंदर और दल के बाहर दमदार होने का दावा करते हैं उन सबके लिए दतिया विधानसभा चुनाव एक ऐसा मौका बनकर आया है जहां वे अपनी दमखम दिखा सकते हैं। दरअसल दतिया विधानसभा के उपचुनाव की घोषणा चुनाव आयोग ने कर दी है जिसके तहत 6 जुलाई को उपचुनाव की अधिसूचना जारी होगी 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल किए जा सकेंगे। 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 16 जुलाई है और 30 जुलाई को मतदान होगा एवं 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी और इसी के साथ ही प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है कोर्ट द्वारा राजेंद्र भारती को 2 वर्ष से अधिक की सजा दी गई थी जिसके कारण उनकी सदस्यता स्वत समाप्त हो गई और इसके बाद मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने सीट खाली करने की घोषणा कर दी ।

यहां बताते चलें कि 2023 के विधानसभा के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती से चुनाव हार गए थे लेकिन चुनाव जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र भारती का 1998 में दतिया सहकारी ग्रामीण बैंक में एक फिक्स डिपाजिट से जुड़े कथित फर्जीवाडे का मामला सामने आया जिसमें आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 वर्ष से बड़ा कर 15 वर्ष कर दी गई। इसके आधार पर 1999 से 2011 के बीच व्याज की राशि निकाली जाती रही और उस समय राजेंद्र भारती बैंक के अध्यक्ष और संबंधित संस्था की ट्रस्टी भी थे बाद में मामले की जांच हुई और आरोप पत्र दायर किया गया। 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष एमपी एमएलए अदालत ने 28 साल पुराने बैंक धोखाधड़ी और जलसाजी के मामले में राजेंद्र भारती को दोषी ठहराया और दोष सिद्ध होने के बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया और 2 अप्रैल 2026 को अदालत ने उन्हें 3 वर्ष के कारावास एक लाख जुर्माने की सजा सुनाई साथ ही उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सजा के क्रियान्वयन पर 60 दिन की मोहलत दी लेकिन उनकी दोषसिद्धि बरकरार रही इसी 2 अप्रैल 2026 से प्रभावी उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त दिन मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर कर दी साथ ही दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर दी और इसकी सूचना निर्वाचन आयोग को भेज दी। इसके बाद ही चुनाव आयोग ने दतिया विधानसभा में उपचुनाव की घोषणा गुरुवार को कर दी बहरहाल प्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच तनातनी चल रही है खासकर राज्यसभा के चुनाव में जिस तरह से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त हुआ। उसके बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर भोपाल से लेकर दिल्ली तक चला दोनों ही दलों के दिग्गज नेता ऐसे किसी मौके की तलाश में थे जहां मैदानी स्तर पर शक्ति परीक्षण हो सके और बहुत जल्द ही यह मौका दतिया विधानसभा के उपचुनाव के रूप में मिल गया है यह मौका ऐसे समय पर भी आया है जब दोनों ही दलों में अंदरुनी कलह भी चल रही है ।

कैलाश विजयवर्गी द्वारा मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र चर्चाओं में है उधर दिग्विजय सिंह और जीतू पटवारी की तनातनी सार्वजनिक है ऐसे में अब ज्यादा समय नहीं है चार दिन बाद नामांकन पत्र भाजपा की ओर से दमदार प्रत्याशी के रूप में नरोत्तम मिश्रा की दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी और दोनों ही दलों क अपने मतभेद भुलाकर चुनावी मैदान में दमखम दिखाना है दावेदारी लगभग तय मानी जा रही है लेकिन कांग्रेस किस प्रत्याशी बनाएगी कहा नहीं जा सकता राजेंद्र भारती चुनाव लड नहीं सकते अभी अपनी बेटे के लिए चुनावी मैदान में उतारना विधानसभा के उपचुनाव को जल्दी करने में सत्ता और संगठन ने तत्परता दिखाई है दामोदर यादव और नायक भी कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी हो सकते हैं लेकिन भाजपा जहां बीना विधानसभा के उपचुनाव को ना होने देने के प्रयास करती रही है वहीं दतिया कुल मिलाकर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं क दतिया विधानसभा के चुनाव में दमखम दिखाने का मौका मिल गया है यह चुनाव ऐसे मौके पर भी होगा जब इसके बाद नगरी निकाय और त्रिस्तरी पंचायती राज के चुनाव होने की संभावना है और इन चुनाव के कुछ महीनो बाद 2028 में विधानसभा के आम चुनाव प्रदेश में होंगे तभी दतिया विधानसभा के उपचुनाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

@ देवदत्त  दुबे  

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