तिरंगा मार्च से पहले सियासी संग्राम तेज, प्रशांत भूषण बोले—‘बर्बरता जारी रही तो बदलनी होगी सरकार’
नई दिल्ली।
दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले राजनीतिक माहौल गरमा गया है। कनॉट प्लेस में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके की प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र नेता, सामाजिक कार्यकर्ता और फिल्म अभिनेता प्रकाश राज की मौजूदगी ने इस आयोजन को नया राजनीतिक आयाम दे दिया।प्रेस कॉन्फ्रेंस में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने सरकार के खिलाफ तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि यदि सरकार की बर्बरता जारी रही, तो उसे बदलना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई सिविल सोसायटी और युवाओं के नेतृत्व में लड़ी जाएगी।प्रशांत भूषण ने कहा कि भाजपा ने भी अतीत में आंदोलनों के जरिए सत्ता परिवर्तन किया है। ऐसे में सरकार के खिलाफ आवाज उठाना या विरोध प्रदर्शन करना किसी भी सूरत में अपराध नहीं माना जा सकता। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि देश में तानाशाही रवैये वाली सरकार नहीं चल सकती।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में छात्र संगठन आइसा की नेता नेहा बोरा भी शामिल हुईं। वहीं, अभिनेता प्रकाश राज भी तिरंगा मार्च में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।तिरंगा मार्च से पहले हुई इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने आंदोलन के राजनीतिक संदेश को और धार दे दी है। खास तौर पर युवाओं की भागीदारी, लोकतांत्रिक अधिकारों और सरकार की जवाबदेही जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।अब सवाल यह है कि शुक्रवार को होने वाला तिरंगा मार्च कितना व्यापक रूप लेता है और सरकार के खिलाफ उठ रही इन आवाजों का राजनीतिक परिदृश्य पर क्या असर पड़ता है। फिलहाल, आंदोलन के आयोजकों के तेवरों से साफ है कि वे अपने विरोध को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं।
https://www.youtube.com/c/BharatbhvhTV?sub_confirmation=1
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद ।

