बीती 10 मयी को उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया, विभाग भी बंट गये लेकिन मप्र के भाजपा विधायक मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा करते हुए थक गए हैं. मप्र के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को मंत्रिमंडल विस्तार की इजाजत नहीं मिल रही है.क्षेत्रीय क्षत्रपों के दबाब के बीच सरकार चला रहे मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव पर मंत्रिमंडल विस्तार के लिए दबाव तो बहुत है, किंतु वे असहाय हैं.मोहन यादव के मौजूदा मंत्रिमंडल में फिलहाल 4 पद रिक्त हैं। संवैधानिक सीमा के अनुसार मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 35 मंत्री हो सकते हैं, जबकि अभी मंत्रियों की संख्या 31 के आसपास है।
मोहन यादव सरकार का गठन 13 दिसंबर 2023 को हुआ था.उसके बाद से अब तक कोई औपचारिक विस्तार नहीं हुआ.यानी करीब ढाई साल से मंत्रिमंडल में नया विस्तार लंबित है.हाल के दिनों में विस्तार और फेरबदल की चर्चाएँ तेज हुई हैं.कई रिपोर्टों में संकेत दिए गए हैं कि प्रदर्शन, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरणों को ध्यान में रखकर जल्द बदलाव हो सकता है भाजपा की डबल इंजन की तमाम सरकारों में विस्तार से लगातार परहेज किया जाता है. विस्तार होता भी है तो चुनाव के आसपास. उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ को भी बडी मुश्किल से मंत्रिमंडल विस्तार की अनुमति मिली. योगी सरकार के अब तक दो कार्यकाल रहे हैं, और दोनों को मिलाकर उनके मंत्रिमंडल में कुल 3 बार विस्तार हुआ है।पहले कार्यकाल (2017–2022) में वे केवल एक बार बार मंत्रिमंडल विस्तार कर पाए थे.दूसरे कार्यकाल (2022–अब तक) में अब तक 2 बार विस्तार हुआ है।पहला विस्तार मार्च 2024 में हुआ था और दूसरा विस्तार10 मई 2026 में हुआ.आपको बता दें कि मप्र में 2023 में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद मोहन यादव को भाजपा विधायकों पर थोपा गया था. वे स्वाभाविक रूप से भाजपा के बहुसंख्यक विधायकों की पसंद नहीं हैं, लेकिन पार्टी अनुशासन के चलते पद के स्वाभाविक दावेदार शिवराज सिंह चौहान को पीछे हटना पडा था.पिछले ढाई साल में मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव का ज्यादातर समय क्षेत्रीय क्षत्रपों को साधने में ही खर्च हुआ. ढाई साल बाद भी मप्र में कोई स्वतंत्र गृहमंत्री नहीं है. डा यादव खुद इस विभाग को सम्हाल रहे हैं. फलस्वरूप विभाग के साथ न्याय नहीं हो पा रहा . गृह मंत्री बनने के लिए अनेक विधायक और मौजूदा मंत्री लालायित हैं.समझा और माना जा रहा है कि भाजपा दतिया विधानसभा उप चुनाव के बाद मोहन यादव मंत्रिमंडल मे विस्तार कर सकती है. इस उप चुनाव में विधानसभा चुनाव हार चुके पूर्व गृहमंत्री डा. नरोत्तम मिश्रा को दोबारा चुनाव लडाने की तैयारी चल रही है. यानि अभी मंत्रिमंडल विस्तार को स्थगित रखा जाएगा.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मंत्रिमंडल में वर्तमान में कुल 31 सदस्य 1 मुख्यमंत्री, 2 उपमुख्यमंत्री, 18 कैबिनेट मंत्री, 6 राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और 4 राज्य मंत्री) शामिल हैं.मोहन कैबिनेट की कुल स्वीकृत क्षमता 35 सदस्यों की है, जिससे फिलहाल 4 पद रिक्त हैं.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अभी खुद सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, विमानन, खनिज साधन, लोक सेवा प्रबंधन विभाग सम्हाल रहे है.सूत्रों के मुताबिक मप्र के मौजूदा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा चल रही है. रिपोर्ट कार्ड बनते ही कामकाज के आधार पर मंत्रियों के भाग्य का फैसला पार्टी हाईकमान करेगा.इस सिलसिले में मुख्यमंत्री आवास पर दो दिन तक मजूदा मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा भी की गई.मप्र में फिलहाल निगम, मंडलों में अशासकीय मनोनयन कर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गयी है.फिर भी असंतोष तो असंतोष है। #bharatbhvh
श्री राकेश अचल ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश
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