विगत सप्ताह गुजरात प्रदेश के सोमनाथ में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान पर तालिबानी नियंत्रण पर बिना कोई नाम लिये अप्रत्यक्ष रूप से आतंक की सत्ता के बारे में ज़िक्र किया था जिसका संबध अफगानिस्तान में तालिबानी राज से जोड़कर देखा जा रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बयान में कहा था-
“आतंक के बलबूते साम्राज्य खड़ा करने वाली सोच है वो किसी कालखंड में कुछ समय के लिए भले ही हावी हो जाए लेकिन उसका अस्तित्व कभी स्थायी नहीं होता वो ज़्यादा दिनों तक मानवता को दबाकर नहीं रख सकता”
इस बयान पर फौरी तौर पर तो कोई प्रतिक्रया नहीं आयी थी लेकिन अब अफ़ग़ानिस्तान पर कब्जा करने वाले तालिबान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर आपत्ति जताई है
जानकारी के अनुसार रेडियो पाकिस्तान को दिए इंटरव्यू में तालिबान के वरिष्ठ नेता शहाबुद्दीन दिलावर ने कहा कि भारत को जल्द ही पता चल जाएगा कि तालिबान अपनी सरकार सुचारू रूप से चला सकते हैं
उन्होंने कहा भारत को अफ़ग़ानिस्तान के आंतरिक मामलों में दख़ल नही देना चाहिए।
गौरतलब है अफगानिस्तान मे तालिबानी राज होने के बाद भारत और अफगानिस्तान के पिछले दशको से जो संबध रहे है उन पर संशय की स्थिति बनी हुई है दूसरी तरफ भारत के प्रतिद्धंदी माने जाने वाले चीन और पाकिस्तान का तालिबान के प्रति लगातार दोस्ताना रूख बरकरार है।
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