राजनीतिनामा

चुनाव 2024 – लोकसभा की दौड़ में समाजसेवियों की मजबूत दावेदारी

सागर – पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव के बाद अब देश में लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है भाजपा को जहां प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और हिुदुत्व के आधार पर पूरा भरोषा है तो विपक्ष को अपने गठबंधन से अब भी आस है मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर है पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने छिंदवाड़ा को छोड़कर प्रदेश की सभी सीटों पर जीत हांसिल की थी । विधानसभा चुनाव में आये परिणामों से मध्यप्रदेश में पिछले महीनों में कांग्रेस में जो जोश था वो फिलहाल ठंडा है तो भाजपा में दावेदारों की भरमार है राममंदिर निर्माण के बाद भाजपा के लिये 2024 के चुनाव इकतरफा होने की चर्चाएं भी जनता में जोरों पर है खासकर हिंदी पटटी के राज्यों में ।  सागर लोकसभा क्षेत्र लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ रहा है जहां पार्टी के चेहरे से अधिक चिन्ह ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है सागर मे लोकसभा चुनाव के लिये दावेदारों की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है खास बात यह है कि विधानसभा चुनावों के पहले और बाद में भाजपा केंद्रीय नेतृत्व के सााहसी और पारंपरिक तरीकों से हटकर लिये गये निर्णयों ने इस बार भाजपा के बड़े चेहरो के साथ साथ आम एवं सर्मपित कार्यकर्ताओं की उम्मीदे भी बड़ा दी है क्षेत्र के स्थापित बड़े नेताओं के साथ साथ पार्टी के मंडल स्तर पर कार्य करने वाले जमीनी कार्यकर्ता भी अपनी दावेदारी करने में पीछे नहीं है और प्रत्यक्ष राजनीति से इतर भाजपा नेतृत्व के सामाजिक समावेश और राष्ट्रवादी नीतियों से उस बुद्धिजीवी वर्ग को भी टिकिट की आस लगी हुई है जो वैचारिक दृष्टिकोंण से भाजपा के सर्मथ रहे है।

सागर लोकसभा से भी भाजपा संगठन में बड़ी भूमिका निभाने वाले राजनेताओं के अलावा समाजसेवी भी भाजपा के टिकिट के लिये दावेदारी कर रहे है जिनमें प्रमुख नाम  सागर शहर के जाने माने चार्टड एकाउंटेंट और समाजसेवी आर डी बडोन्या का है जो  पिछले तीन दशकों से संघ और भाजपा की विचारधारा के सर्मथक है और अपनत्व सेवा समिति के माध्यम से गरीब निर्धन परिवारों को निःशुल्क अंत्येष्ठी जैसे समाजसेवा के कई कार्य करते आ रहे है  बड़ोनिया सागर लोकसभा क्षेत्र में विकास के कई मुददो का रोडमेप लिये हुए है और प्रधानमंत्री मोदी की आर्थिक नीतियों के प्रबल सर्मथक रहे है बड़ोनिया अपने संघीय पृष्ठभूमि सामाजिक सरोकार के कार्य और आर्थिक नीतियों में विशेषज्ञता के आधार पर लगातार संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों से मिलकर अपनी दावेदारी कर रहें है तो दूसरा नाम स्वामी विवेकानंद विश्वविधालय के कुलपति अनिल तिवारी का है जो भाजपा बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी रहे है और पिछले चुनावों मे भी भाजपा से प्रबल दावेदार रहे है युवाओं में लोकप्रिय तिवारी सागर में लगातार जनसेवा कार्यो के माध्यम से चर्चाओं में रहते है । इसके अतिरिक्त सागर से वर्तमान सांसद राजबहादु सिंह , भाजपा जिलाअध्यक्ष गौरव सिरोठिया और महापौर प्रतिनिधि सुशील तिवारी भी लोकसभा की दौड़ में है।

⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए  कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें और हमारे लघु प्रयास को अपना विराट सहयोग प्रदान करें , धन्यवाद।

 

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

मानव अधिकार उल्लंघन के मामलों में संज्ञान लेकर संबंधितों से जवाब मांगा

मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष महोदय डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने विगत दिवसों…

1 day ago

हिंसा की आग में झुलसा बंगाल शुभेंदु अधिकारी के पीए की हत्या

पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है। नौ मई…

3 days ago

पश्चिम बंगाल में कमल का खिलना – सबसे बड़ी जीत!

हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में कई बड़े राजनीतिक संदेश छिपे…

5 days ago

अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में हस्तक्षेप याचिका दायर

अधिवक्ता अकलेचर दुवे ने जूनियर वकीलों को स्टाईपेड, वकील पेंशन एवं सामूहिक बीमा योजना लागू…

6 days ago

पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: एग्जिट पोल के बाद किसकी सरकार बनने की संभावना?

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— सवाल इसलिए भी …

1 week ago

सड़क पर गाय और सदन में नारी की रही गूंज

भोपाल डेस्क  देश में चल रहे गो सम्मान आह्वान के तहत प्रदेश में भी गौ…

2 weeks ago