समाज

पद्मश्री अखाड़ा गुरु भगवानदास रायकवार ‘दाऊ’ जी पंचतत्व में विलीन

एसडीएम द्वारा ने पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी,
गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया, बड़ी संख्या में शहर वासी हुए शामिल
बुंदेलखंड की गौरवशाली परंपरा और प्राचीन शस्त्र कला ‘अखाड़ा’ को वैश्विक पहचान दिलाने वाले पद्मश्री (2026) के लिए चयनित अखाड़ा गुरु श्री भगवानदास रायकवार ‘दाऊ’ जी का शनिवार 18 अप्रैल की रात को निधन हो गया। आज रविवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार हुआ।
गार्ड ऑफ ऑनर दिया
सागर कलेक्टर श्री मति प्रतिभा पाल के निर्देश पर एसडीएम श्री अमन मिश्रा, तहसीलदार श्री संदीप तिवारी के द्वारा मुक्तिधाम पहुंचकर पुष्प चक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई एवं तिरंगा झंडा अर्पित किया गया। पुलिस विभाग के द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
मुख्यमंत्री ने जताया शोक
मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पद्मश्री श्री भगवान दास रायकवार की निधन पर श्रद्धांजलि अर्पितकर दुख व्यक्त किया एवं परिवार को दुख सहन करने की भगवान से प्रार्थना की। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने श्रद्धांजलि देते हुए दुख व्यक्त किया एवं अपने संदेश में कहा कि सागर ही नहीं संपूर्ण बुंदेलखंड एवं प्रदेश के लिए यह बहुत बड़ी क्षति है।
भोपाल एम्स मे हुआ निधन
पद्मश्री श्री भगवान दास रैकवार का भोपाल स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली। वे पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थे और वेंटिलेटर पर जीवन की जंग लड़ रहे थे। परिजनों के अनुसार, दाऊ जी को पहले सागर के चैतन्य हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, जहां 17 मार्च से उनका इलाज चल रहा था। हालत में सुधार न होने पर 7 अप्रैल को उन्हें बेहतर उपचार के लिए AIIMS भोपाल रेफर किया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। बीती रात्रि में उनके पुत्र राजकुमार रायकवार ने गहरे दुख के साथ उनके निधन की जानकारी दी।
83 वर्षीय भगवानदास रायकवार ‘दाऊ’ जी ने अपना पूरा जीवन बुंदेलखंड की पारंपरिक शस्त्र युद्ध कला ‘अखाड़ा’ के संरक्षण और प्रचार-प्रसार को समर्पित कर दिया। उनके अथक प्रयासों से इस प्राचीन कला को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के लिए उन्हें ‘पद्मश्री सम्मान’ के लिए चयनित किया गया था। यह सम्मान उन्हें भारतीय पारंपरिक मार्शल आर्ट और अखाड़ा विद्या के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रशिक्षण में उनके अमूल्य योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा था।
दाऊ जी के निधन से बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक और पारंपरिक विरासत को अपूरणीय क्षति पहुंची है। उनके जाने से अखाड़ा परंपरा का एक युग समाप्त हो गया है।
पद्म श्री से चयनित श्री भगवान दास रैकवार की अंतिम यात्रा में विधायक श्री प्रदीप लारिया, जिला अध्यक्ष श्री श्याम तिवारी  श्री शैलेश केशरवानी, श्री पप्पू फुसकेले, श्री राजेश केसरवानी, नगर निगम कमिश्नर श्री राजकुमार खत्री, एसडीएम श्री अमन मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि जिला एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में जन समुदाय मौजूद था।

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