युवा विधायकों को समझाई गई विकास की बारीकियां

युवा विधायकों को समझाई गई विकास की बारीकियां

मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान के युवा विधायकों के सम्मेलन में विधायकों को विकास की बारीकियां समझाई गई युवा विधायकों प्रश्न पूछ कर जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। दरअसल राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा परिसर में दो दिवसीय युवा विधायकों के सम्मेलन का मंगलवार और छत्तीसगढ़ के 60 से अधिक विधायक उपस्थित हुए मध्य प्रदेश और राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष दोनों दिन सक्रिय रहे जबकि अस्वस्थता के कारण छत्तीसगढ विधानसभा के अध्यक्ष रमन सिंह सम्मेलन में नहीं पहुंच सके सम्मेलन के समापन के बाद युवा विधायक महाकाल के दर्शन करने उज्जैन भी गए। समापन सत्र में मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह उपस्थित थे इस दौरान उन्होंने मध्य प्रदेश विधानसभा की त्रैमासिक पत्रिका का विमोचन भी किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि वे जब सांसद बनकर आए थे तब कागजों के पुलिदा आते थे और उन्हें घर में रखने की जगह भी नहीं होती थी पढ़ने का पूरा अवसर भी नहीं मिल पाता था आज वही सांसद पूरी तरह पेपर लेस हो चुकी है और अब आगे एआई के उपयोग पर भी काम चल रहा है विधानसभाये भी तेजी से डिजिटल हो रही है जिससे जनप्रतिनिधियों के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं हरिवंश नारायण सिंह स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे 100 युवा मिल जाए तो में देश और समाज की तकदीर बदल दूं और आज यहां इतने सारे युवा विधायक मोजूद है जो बदलाव की बड़ी ताकत बन सकते हैं।
उन्होंने कहा कि देश को विभिन्न जोनो में बांटा गया है जिनमें मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ और राजस्थान एक ही जोन में आते हैं मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि उन्हें यह नहीं मालूम कि इस प्रकार की कॉन्फ्रेंस द्वारा कब होगी लेकिन वह यह जरुर जानते हैं कि सभी विधायक युवा है। और युवा होने के नाते उन्हें भविष्य में कई बड़ी कॉन्फ्रेंस में भाग लेने और अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा उन्होंने कहा कि सामान्य तौर पर हम सभी को अपने अध्ययन का दायरा और बढ़ाना चाहिए कई बार कम समय में हम विषय के मूल अर्थ को समझने की बजाय अन्य बातों में उलझ जाते हैं उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी मंच पर 10 मिनट का समय पर्याप्त होता है। और विषय का गहराई से अध्ययन किया गया हो उन्होंने कहा कि यदि हम अध्ययन को अपनी आदत बना ले विषय से गहराई से जुड़े तो एक ही विषय पर लंबे समय तक प्रभावी ढंग से अपने विचार व्यक्त कर सकते हैं उन्होंने कहा कि सम्मेलन में सभी को एक दूसरे को समझने का अवसर दिया है साथ ही यह भी समझने का मौका मिला है कि हमारी कमियां क्या है और कम समय में विषय को प्रभावी तरीके से कैसे प्रस्तुत किया जा सकता है। तोमर ने कहा कि जब जनप्रतिनिधियों को अपने विचार रखने का अवसर मिलता है तो वे स्वाभाविक रूप से समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित करते यह उनका स्वभाव भी है लेकिन इसके साथ ही सिर्फ समस्याएं उठाना ही नहीं बल्कि राष्ट्र प्रथम के संकल्प के साथ काम करना भी आवश्यक है और यह विचार विशेष रूप से युवा विधायकों के सामने आया उन्होंने कहा कि जब छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश विधानसभा से अलग हुआ उस दिन मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सभी विधायकों की आंखों में आंसुओं के अलावा कुछ नहीं था इसलिए आज भी दोनों राज्यों के बीच वही आत्मीयता बनी हुई है। कुल मिलाकर युवा विधायकों के दो दिन के सम्मेलन में वक्ताओं ने जहां नेतृत्व के गुण नैतिकता जवाब देही जैसी बातें साझा की वही विकास की बारी किया भी समझाएं और किस तरह से राज्य विकास के मामले में बेहतर प्लेटफार्म है इसको भी बताया विधायकको की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया गया।

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