क्या भाजपा के गांधीपरिवार का कैरियर अब खत्म हो चुका है ? यह सवाल इसलिये उठ रहा है क्योकि पिछले आठ बार से सांसद रहीं मेनका गांधी उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गईं है तो मोदी सरकार में बगावत के तेवर लिये वरूण गांधी को भाजपा ने इस बार पीलीभीत से टिकिट भी नहीं दिया था । भाजपा में शुरूवाती दौर में वरूण गांधी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे लेकिन अब वे एक सामान्य कार्यकर्ता है। लंबे अरसे के बाद मेनका गांधी और वरूण गांधी दोनो सांसद नहीं है और भाजपा के साथ इनका तालमेल भी बिगडा हुआ है अब आगे भाजपा के गांधी परिवार का राजनैतिक कदम क्या होगा यह देखना दिलचस्प होगा।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।
मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष महोदय डॉ. अवधेश प्रताप सिंह ने विगत दिवसों…
पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन की कवायद शुरू हो गई है। नौ मई…
हाल ही में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनावों में कई बड़े राजनीतिक संदेश छिपे…
अधिवक्ता अकलेचर दुवे ने जूनियर वकीलों को स्टाईपेड, वकील पेंशन एवं सामूहिक बीमा योजना लागू…
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है— सवाल इसलिए भी …
भोपाल डेस्क देश में चल रहे गो सम्मान आह्वान के तहत प्रदेश में भी गौ…