क्या भाजपा के गांधीपरिवार का कैरियर अब खत्म हो चुका है ? यह सवाल इसलिये उठ रहा है क्योकि पिछले आठ बार से सांसद रहीं मेनका गांधी उत्तरप्रदेश के सुल्तानपुर लोकसभा सीट से चुनाव हार गईं है तो मोदी सरकार में बगावत के तेवर लिये वरूण गांधी को भाजपा ने इस बार पीलीभीत से टिकिट भी नहीं दिया था । भाजपा में शुरूवाती दौर में वरूण गांधी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे थे लेकिन अब वे एक सामान्य कार्यकर्ता है। लंबे अरसे के बाद मेनका गांधी और वरूण गांधी दोनो सांसद नहीं है और भाजपा के साथ इनका तालमेल भी बिगडा हुआ है अब आगे भाजपा के गांधी परिवार का राजनैतिक कदम क्या होगा यह देखना दिलचस्प होगा।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।
दतिया विधानसभा के उपचुनाव के लिए मतदान संपन्न हो चुका है परिणाम 3 अगस्त को…
युवा नेता आकाश सिंह राजपूत ने साइकिल वितरण, छात्र सम्मान एवं वृक्षारोपण से जीता सभी…
बीना में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और मंडी बामोरा में प्रयागराज एक्सप्रेस के स्टॉपेज की…
भारतीय सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी पहचान केवल उनकी फिल्मों से नहीं,…
भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार की एक विशेषता है—वह अपने हर बड़े फैसले के…
‘’वन्दे बोधमयं नित्यं गुरुं शङ्कररूपिणम्। यमाश्रितो हि वक्रोऽपि चन्द्रः सर्वत्र वन्द्यते॥‘’ सभ्यताओं का निर्माण केवल…