शिक्षा और स्वास्थ मानव जीवन के लिये सबसे अधिक आवश्यक इन दो सुविधाओं की सहज और सरल उपलब्धता किसी भी सरकार के लिये सर्वोपरी लक्ष्य होना चाहिये लेकिन क्या आज इन दोनो ही सेवाआंे में नैतिकता बची है या फिर ये आज के सबसे बड़े व्यवसाय बन चुके है हम सभी इस तथ्य से परिचित है लेकिन राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सार्वजनिक मंच से इसे उजागर करते हुए चिंता व्यक्त की ।

