सनातन संस्कृति में आज एक एसी उपलब्धि प्राप्त की गई है जो इसके पहले 200 साल पहले की गई थी महाराष्ट्र के छोटे से गांव
Category: धर्म-ग्रंथ
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल हुए तीन हजार से अधिक गीता पाठी
गीता महोत्सव पर शासन के भागीरथी प्रयास राज्य को आध्यात्म की ओर ले जाएंगे- महंत श्री नरहरि दास श्रीमद्भगवतगीता जीवन जीने की कला सिखाने वाला
मित्रता हो तो,कृष्ण,सुदामा जैसी – आचार्य गोपाल कृष्ण
सागर/मकरोनिया के नरवानी रोड पुराना पानी में चल रही श्रीमद् भागवत कथा का गुरुवार को समापन हो गया,समापन दिवस पर कथा व्यास गोपाल कृष्ण शास्त्री
जानिए देवउठनी एकादशी एवं तुलसी विवाह का महत्व
देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहा जाता है, सनातन धर्म में यह अत्यन्त पवित्र एवं शुभ तिथि मानी जाती है। यह
मिनी मैहर के नाम से प्रसिद्ध है टिकीटोरिया पर विराजी जगदंबा
रहली के नजदीक पहाड़ी पर विराजी में शेरावाली का दरबार मिनी मैहर संसार में मिनी मैहर के नाम से जाना जाता है यहां पर माता
बुंदेलखंड के गढ़ाकोटा में 1857 से लगातार निकल रही है रथयात्रा
वैद्य ने टटोली भगवान की नब्ज, 27 जून को निकलेगी भव्य रथयात्रा देश के इतिहास में भले ही बीते समय की बात हो चुकी हो
10 दिनों के बाद फिर शुरू हुई प्रेमानंद जी की पदयात्रा
वृन्दावन में संत प्रेमानंद महाराज जी की पदयात्रा फिर से दस दिनों बाद शुरू हो चुकी है यह पद यात्रा आज रात दस दिन बाद
ठाकुर जी स्वभाव देखते हैं, सांसारिक लोग प्रभाव देखते हैं -इंद्रेश जी महाराज
सागर/ भगवान को मारने कंस द्वारा भेजी गई राक्षसी पूतना ऐसा सुंदर रूप बनाकर पहुंची की उसका प्रभाव पूरे गोकुल पर दिखने लगा। सभी उसकी
सागर के लोगों में गिरिराज जी की तरह सेवा का भाव तो यमुना जी की तरह सरलता भी – इंद्रेश जी
जीवन मे चार पुरुषार्थ प्रमुख होते हैं। पहले तीन हैं धर्म अर्थ और काम इन तीनों को करते करते चौथे का भाव स्वतः ही पैदा
गंगा के घाटन में ,काफिर बसंत है
कल भी बसंत था,आज भी बसंत है। बसंत इसलिए है क्योंकि इसका कभी अंत नहीं होता। ये बारह साल में नहीं बल्कि हर साल आता

