भारतीय जन मानस के जितने भी आदर्श पुरुष हैं उनमें से अपवादों को छोड़कर अधिकांश ने पापी पेट के लिए नैतिकता और अनैतिक का भेद
Category: कलमदार
नोटों पर फोटो को लेकर प्रलाप
राजनीति की पिच पर टिके रहने के लिए हमारे नेता क्या ठठकर्म नहीं करते? अफसर से मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल से लेकर विद्वान बाम्हन सुब्रमण्यम
क्या राजनेताओं की नजर में हिंदू समाज मूर्ख है !
समझ में नहीं आता इस प्रश्न की प्रासंगिकता सनातनी परंपरा में आज के युग से पहले कितनी बार रही होगी या 21 वीं सदी में
ऋषि सुनाक पर फूहड़ बहस
ब्रिटेन में ऋषि सुनाक के प्रधानमंत्री बनने पर भारत में बधाइयों का तांता लगना चाहिए था लेकिन अफसोस है कि हमारे नेताओं के बीच फूहड़
हमारी संस्कृति और छप्पन का अजीबोगरीब आंकड़ा
भारत में सब कुछ अलग होता है। आंकड़े भी।दो आंकड़े तो जग जाहिर हैं। एक छत्तीस का और दूसरा छप्पन का। छप्पन का आंकड़ा स्वाभाविक
तुम्हारी रेवड़ियाँ और मेरा रेवड़ा
साढ़े चार लाख लोगों को मुफ्त मकान बांटते वक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो भाषण दिया, वह कई बुनियादी सवाल खड़े कर रहा है। उन्होंने
सिंधिया गुट : कमलनाथ का राग और भाजपा की दुखती रग
मध्यप्रदेश में होने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव संभवतः अब तक के सबसे ज्यादा कांटे की टक्कर होने वाले है इसीलिये दोनो प्रमुख दल भाजपा
सिर्फ मोदीजी को पटाओ सब मिलेगा!
उत्तराखंड के एक भाजपा विधायक हैं बंशीधर भगत, उन्होंने 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के मौके पर एक जबरदस्त भाषण दिया। उनके भाषण के
दाढ़ी निरपेक्ष भारतीय राजनीति…
भारतीय जनमानस में दाढ़ी को लेकर अजीब मान्यताएं हैं। मुहावरे हैं, कहावतें हैं। दाढ़ी पुरुष प्रधान समाज में पहचान भी है और विशेषण भी।संज्ञा, सर्वनाम,
खड़ग बनाम कांग्रेस की ढाल
जनता जनार्दन के लिए आखिर जनार्दन खड़गे कांग्रेस की ढाल बनकर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सामने हैं। खड़गे को ऐसे समय में कांग्रेस का

