अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझी: प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह

सागर। जिले की रहली पुलिस ने एक अंधे हत्या कांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए महज 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी त्वरित कार्रवाई और उत्कृष्ट विवेचना का परिचय दिया है। पुलिस की सतर्कता, तकनीकी जांच और लगातार की गई कार्रवाई से इस जघन्य अपराध का पर्दाफाश संभव हो सका। दिनांक 04 मार्च 2026 को फरियादी अविनाश उर्फ आकाश पिता मनोहर सिंह ठाकुर (उम्र 33 वर्ष), निवासी भगत सिंह वार्ड सागर द्वारा सूचना दी गई कि उसका छोटा भाई विकास ठाकुर (उम्र लगभग 30 वर्ष) होली खेलने के बाद घर नहीं लौटा। तलाश के दौरान रहली-जबलपुर रोड स्थित मिहली के जंगल क्षेत्र में उसका शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला, जबकि पास ही उसकी मोटरसाइकिल भी खड़ी थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, जहाँ विकास ठाकुर का शव खून से लथपथ अवस्था में पड़ा मिला। प्रथम दृष्टया धारदार हथियार से हत्या की आशंका होने पर पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 125/26 धारा 103(1) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रेम प्रसंग बना हत्या का कारण विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतक के परिचितों से पूछताछ की, जिसमें पता चला कि मृतक का एक युवती से पूर्व में प्रेम संबंध था। बाद में उक्त युवती का संबंध अजय यादव निवासी ग्राम बांसा, थाना जैसीनगर से हो गया था। मृतक लगातार युवती पर विवाह के लिए दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर युवती ने यह बात अजय यादव को बताई। इसके बाद 04 मार्च 2026 को अजय यादव ने अपने साथी लल्लू धानक के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से विकास ठाकुर को मिलने के बहाने मिहली के जंगल क्षेत्र में बुलाया और वहाँ चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस की सतर्कता से 48 घंटे में आरोपी गिरफ्तार घटना के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर तंत्र की सहायता से आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद दिनांक 06 मार्च 2026 को अजय यादव एवं लल्लू धानक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया। आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू भी बरामद किये गये है। आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका इस अंधे हत्या प्रकरण का खुलासा पुलिस अधीक्षक सागर श्री विकाश कुमार शाहवाल के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री लोकेश कुमार सिंहा एवं एसडीओपी रहली श्री प्रकाश मिश्रा के निर्देशन में थाना प्रभारी रहली उनि. सुनील शर्मा के नेतृत्व में किया गया। कार्रवाई में प्रआर. 19 विनोद विश्वकर्मा, प्रआर. 265 अमित चौबे, प्रआर. 849 जय रैकवार, आर. 1514 सुरेन्द्र यादव, आर. 1542 जितेन्द्र यादव, आर. 883 प्रदीप नामदेव, प्रआर. 1166 राम पटेल, आर. 1682 सुनील दुबे, महिला आरक्षक 205 कल्पना एवं आर. 1105 अंकित सागर (साइबर सेल) का विशेष योगदान रहा। रहली पुलिस की इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।

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