उमा भारती ने जनवरी से अपने अघोषित चुनाव अभियान का आरंभ किया चुनावी साल की शुरुआत से ही सांप्रदायिकता का वातावरण बनने लगा। धार की
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भगवान कभी जीव का साथ नहीं छोड़ते इसलिए वे अपने हैं- मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास
भगवान के स्वभाव के ही कारण जीव भगवान की ओर आकर्षित होता है : मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास गढाकोटा। गढ़ाकोटा में आयोजित श्रीमद् भक्तमाल कथा
खुरई में संतश्री नागर जी की श्रीमद् भागवत कथा आरंभ
मंत्री भूपेन्द्र सिंह सपत्नीक कलश व श्रीमद्भागवत जी को सिर पर लेकर पहुंचे कथा स्थल दो किलोमीटर लम्बी कलश यात्रा पर श्रृद्धालुओं ने जगह-जगह फूल
मेनपुरी ने दी मुलायम को श्रद्धांजलि…
वर्तमान चुनावों में तीनों पार्टियां एक-एक जगह से जीत गईं लेकिन दो-दो जगह से हार गईं। इन मुख्य चुनावों के अलावा कुछ उप-चुनाव भी अलग-अलग
विरोध के बाद संसद में सामान नागरिक संहिता बिल पेश
नई दिल्ली। समान नागरिक संहिता का बिल शुक्रवार को संसद में पेश हो गया हलाकि विपक्षी पार्टियों ने इसका जमकर विरोध किया । राजस्थान से
भारतीय राजनीति में बहती उलटी गंगा…
भारत में जबसे गंगा मैया ने अपने बेटे को गुजरात से काशी बुलाया है,पूरे देश में राजनीति की गंगा उलटी बहने लगी है।उलटा बहना गंगा
हमारा इतिहास : मुख्यमंत्री काटजू का भोपाल में कोई परिचित न था
हमेशा विवादों में रहने वाले विख्यात विख्यात न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू कैलाश नाथ काटजू के प्रपौत्र है उस जमाने में जब कारों की कीमत मात्र दो-तीन
हमारा इतिहास : दिग्विजय ने कहा “मैनेजमेंट से जीते जाते हैं चुनाव”
इन सब घटनाओं के बावजूद दिग्विजय सिंह को चुनाव जीतने का पूरा भरोसा था वह कहते थे कि चुनाव मैनेजमेंट से जीते जाते हैं। मैनेजमेंट
गुजरात -हिमांचल के चुनाव परिणाम से असमंजस में मध्यप्रदेश…
बीते महीने से देश में तीन चुनावों की चर्चा और सस्पेंस का दौर 8 दिसम्बर को खत्म हुआ और इसी के साथ आने वाले साल
तीनों पार्टियाँ गदगद: तीनों को सबक…
गुजरात, दिल्ली और हिमाचल के चुनाव परिणामों का सबक क्या है? दिल्ली और हिमाचल में भाजपा हार रही है और गुजरात में उसकी एतिहासिक विजय

