वल्लभ भवन की आधारशिला सन 1958 में पंडित जवाहरलाल नेहरू के हाथों रखी गई क्योंकि नई राजधानी बनाने का काम राज्य बनने के साथ ही
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हिंदी के नाम पर आत्महत्या क्यों…?
कल भारत का संविधान-दिवस था और कल ही तमिलनाडु के एक व्यक्ति ने यह कहकर आत्महत्या कर ली कि केंद्र सरकार तमिल लोगों पर हिंदी
सड़कों पर क्यों हैं प्रधानमंत्री जी…?
लोकतंत्र की यही खूबसूरती है कि यहां राजा कभी भी रंक बना सकता है और रंक राजा।अब देखिए न प्रधानमंत्री का ख्वाब देख रहे राहुल
राजनैतिक फैसले प्रतिक्रियावादी नहीं होने चाहिए – प्रह्लाद पटेल
केंद्रीय राज्य मंत्री श्री प्रहृलाद पटेल ने खुरई में दो करोड़ की लागत से बने लोधी क्षत्रिय समाज के सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया राजनैतिक
“मुझे ग़म भी उनका अज़ीज है, कि ये उन्हीं की दी हुई चीज़ है।”
मेरे पिताजी की आदत भी अज़ीब थी। खाना खाने बैठते तो एक निवाला तोड़ कर थाली के चारों ओर घूमाते और फिर उसे किनारे रख
हमारा इतिहास : लोहिया की नजर में भोपाल
लोहिया की नजर में भोपाल जितना सुंदर आज भोपाल है बाहर वाले इसकी जितनी तारीफ करते हैं साठ के दशक में भोपाल एक बेतरतीब कस्बे
मकरोनिया रेलवे ओवर ब्रिज नाम डॉ. हरिसिंह गौर सेतु होगा
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मकरोनिया रेलवे ओवर ब्रिज का लोकार्पण किया ओवर ब्रिज का नाम डॉ. हरिसिंह गौर सेतु होगा बुंदेलखंड के लाखों लोगों को
डॉ. गौर को देष का सर्वोच्च सम्मान दिलाने की पहल होगी- मुख्यमंत्री चौहान
डॉ हरिसिंह गौर ने सागर को ज्ञान का सागर बना – मुख्यमंत्री श्री चौहान डॉ. गौर को देष का सर्वोच्च सम्मान दिलाने की पहल होगी
भारत का इतिहास कैसे लिखें?
असम के महान सेनापति लाचित बरफुकन की 400 वीं जयंति पर बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारतीय इतिहास को फिर से
बाबाजी का दृष्टिदोष अक्षम्य या क्षम्य
मै कलियुग के या यूं कहिए मोदी युग के महर्षि बाबा रामदेव का न सम्मान करता हूं और न अपमान।वे महान हैं इसलिए उनको महान

