श्रीरामराजा सरकार का मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र –  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

श्रीरामराजा सरकार का मंदिर आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र – मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

श्रीरामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की
श्रीरामराजा लोक के विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश
हरदौल महाराज के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया, पारंपरिक मोनिया नृत्य में शामिल होकर लोक कलाकारों का बढ़ाया उत्साह
हाथी साव सुपारी साव परिसर में विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया 
मुख्यमंत्री ने बालिकाओं द्वारा बनाई हुई कुछ पेंटिंग्स खरीदकर बालिकाओं को नगद 5-5 हजार रुपये एवं डायरी खरीदकर 1-1 हजार रुपए की राशि प्रदान की तथा उनका उत्साहवर्धन किया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ओरछा का श्रीरामराजा सरकार मंदिर हम सभी के लिए आस्था और श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है। धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से ओरछा एक अद्भुत स्थल है, जिसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी विशेष है। हमारी सरकार श्रीरामराजा लोक के विकास एवं निर्माण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ओरछा में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव निवाड़ी जिले की धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ओरछा पहुंचे, जहां हेलीपैड ग्राउंड पर जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री विश्व प्रसिद्ध श्रीरामराजा सरकार मंदिर पहुंचे और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रभु श्रीरामराजा सरकार के दर्शन किए तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली एवं उन्नति की कामना की। दर्शन एवं पूजन के उपरांत मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मान्यता है कि भगवान श्रीराम दिन में ओरछा में राजा के रूप में विराजमान रहते हैं। वे हम सभी के आराध्य हैं और हम सब उन्हें नमन करते हैं। दीपावली के पावन पर्व से एक दिन पूर्व रूप चौदस के अवसर पर ओरछा आकर श्रीरामराजा सरकार के दर्शन एवं नमन करने का सौभाग्य मिला है। उन्होंने भगवान श्रीराम से प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं सभी के कल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा है कि समाज के सभी वर्गों, किसानों, युवाओं, गोपालकों सहित प्रत्येक नागरिक का कल्याण हो तथा सरकार की सभी नीतियां जनकल्याण के उद्देश्य से सफल सिद्ध हों। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में काशी में भगवान विश्वनाथ धाम, अयोध्या में भगवान श्रीराम धाम तथा उज्जैन में श्री महाकाल महालोक के विकास से धार्मिक पर्यटन को नई पहचान मिली है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में भी धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का वातावरण बना है। ओरछा ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां भी धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने तथा विकास और समृद्धि के नए आयाम स्थापित करने के लिए सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि श्रीरामराजा सरकार के दर्शन के साथ यहां संचालित निर्माण एवं विकास कार्यों का निरीक्षण भी उनके कार्यक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विकास कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। रूप चौदस एवं दीपावली के पावन अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए सभी के सुख, समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री ने स्थानीय दुकानदारों एवं दीपावली के लिए दीपक बेच रहे कारीगरों से आत्मीयता के साथ संवाद किया और उनकी गतिविधियों की जानकारी लेते हुए समस्याएं भी सुनीं। उन्होंने स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए दीपकों एवं अन्य उत्पादों का अवलोकन किया। इसी क्रम में एक स्थानीय चाय की दुकान पर चाय पीकर दुकानदारों से बातचीत की। मंदिर परिसर में ढोलक की थाप पर ‘श्रीराम जय राम’ की धुन पर भजन गा रहे एक श्रद्धालु के पास पहुंचकर मुख्यमंत्री उनके साथ बैठ गए और भजन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कुछ समय भक्तिमय वातावरण में बिताया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत बुंदेलखंड के पारंपरिक मोनिया नृत्य में भी सहभागिता की। वे कलाकारों के बीच पहुंचे और उत्साहपूर्वक झीका वाद्य यंत्र बजाते हुए लोक कलाकारों के साथ कदम से कदम मिलाकर पारंपरिक लोकनृत्य का आनंद लिया। उन्होंने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए बुंदेलखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं की सराहना की। तत्पश्चात उन्होंने जुझार सिंह महल में चल रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इसके उपरांत मुख्यमंत्री ने हरदौल बैठका पहुंचकर हरदौल महाराज के दर्शन किए तथा उन्हें पुष्पमाला अर्पित कर विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया और श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने हरदौल महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव प्रदर्शित किया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाथी साव सुपारी साव परिसर में आयोजित विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए स्टॉलों पर पहुंचकर बुंदेलखंड के इतिहास, संस्कृति, पारंपरिक खाद्य उत्पादों, औषधीय फसलों एवं स्थानीय कला से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी में शामिल सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सबसे पहले प्रदर्शनी में प्रदर्शित मानचित्र का अवलोकन किया तथा सीतामढ़ी सहित क्षेत्र के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के बारे में जानकारी प्राप्त की। इसके साथ ही स्थानीय जनजीवन, क्षेत्र की विशेषताओं एवं परंपराओं के संबंध में भी जानकारी ली। विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित स्थानीय खाद्य उत्पादों एवं पारंपरिक व्यंजनों का अवलोकन करते हुए उन्होंने मोटे अनाज से तैयार खाद्य पदार्थों, तुलसी की खेती एवं उससे बनने वाली चाय, औषधीय फसलों तथा अन्य स्थानीय उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इन उत्पादों के उपयोग, स्वास्थ्य लाभ एवं स्थानीय स्तर पर इनके उत्पादन की संभावनाओं के संबंध में भी रुचि दिखाई। आयुष विभाग के स्टॉल पर मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए औषधीय काढ़े के बारे में जानकारी ली तथा स्वयं उसका सेवन भी किया। यह वही पारंपरिक आयुर्वेदिक काढ़ा है, जिसका उपयोग कोविड काल में आयुष विभाग द्वारा लोगों को पिलाने के लिए किया गया था। मुख्यमंत्री ने इसके औषधीय महत्व एवं उपयोगिता की जानकारी प्राप्त की तथा विभिन्न स्टॉलों पर प्रदर्शित कुछ स्थानीय खाद्य उत्पाद अपने साथ भी लिए।
प्रदर्शनी में बुंदेली कला एवं चित्रकारी का प्रदर्शन कर रही बालिकाओं से मुख्यमंत्री ने संवाद किया। उन्होंने बालिकाओं द्वारा तैयार की गई पेंटिंग्स एवं डायरी का अवलोकन कर उनकी कला और रचनात्मक प्रतिभा की सराहना की। मुख्यमंत्री ने उनकी बनाई हुई कुछ पेंटिंग्स स्वयं खरीदकर बालिकाओं को नगद 5-5 हजार रुपये एवं डायरी खरीदकर 1-1 हजार रुपए की राशि प्रदान की तथा उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने स्थानीय कला एवं संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए बालिकाओं के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि स्थानीय प्रतिभाओं और पारंपरिक हुनर को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हाथी साव सुपारी साव परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक खानपान, औषधीय वनस्पतियों एवं बुंदेली कला को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत करने के प्रयासों की सराहना की।
इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण विभाग एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, राज्यमंत्री वन एवं पर्यावरण मध्यप्रदेश शासन श्री दिलीप अहिरवार, राज्यसभा सांसद श्री महेश केवट, विधायक निवाड़ी श्री अनिल जैन, सांसद प्रतिनिधि श्री राजेश पटेरिया, पूर्व विधायक पृथ्वीपुर डॉ. शिशुपाल यादव, संभागायुक्त सागर संभाग श्री दिलीप कुमार, आईजी सागर श्री इरशाद वली, डीआईजी छतरपुर रेंज श्री विजय खत्री, कलेक्टर श्रीमती जमुना भिड़े, पुलिस अधीक्षक डॉ. राय सिंह नरवरिया, सीईओ जिला पंचायत श्री रोहन सक्सेना सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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