जहरीली शराब कांड के बाद प्रशासन सख्त, रूसल्ला और बहेरिया क्षेत्र में संयुक्त टीम की छापेमारी
सागर। जहरीली शराब कांड के बाद सागर प्रशासन ने अवैध गतिविधियों और नियमों की अनदेखी करने वाले व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को राजस्व, पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने रूसल्ला, बहेरिया और आसपास के क्षेत्रों में संचालित होटल, रिसॉर्ट और ढाबों पर औचक कार्रवाई की।जांच के दौरान स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और वैधानिक अनुमतियों से जुड़ी कई खामियां सामने आने के बाद प्रशासन ने पांच प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से सील कर दिया।
पांच प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें—
- पाथवे रिट्रीट रिजॉर्ट, ग्राम रूसल्ला
- होटल जलसा एंड रेस्टोरेंट, बहेरिया
- सत्यम ढाबा रेस्टोरेंट एंड रेसीडेंसी, ग्राम बामोरा
- सुरुचि होटल, ग्राम रूसल्ला
- हाईवे हब, ग्राम बहेरिया
कहीं किचन में गंदगी तो कहीं जरूरी दस्तावेज नदारद
पाथवे रिट्रीट रिजॉर्ट के किचन में अत्यधिक अस्वच्छता पाए जाने के साथ पनीर, चटनी, दाल और मूंगफली के नमूने जांच के लिए लिए गए।
होटल जलसा एंड रेस्टोरेंट में अजवाइन, बटर और चिकन के नमूने लिए गए। यहां वैध खाद्य रजिस्ट्रेशन उपलब्ध नहीं होने के साथ किचन में गंदगी और आवश्यक दस्तावेजों का अभाव पाया गया।
सत्यम ढाबा से पनीर और तुअर दाल के नमूने जांच के लिए भेजे गए। वहीं सुरुचि होटल और हाईवे हब में भी सुरक्षा तथा राजस्व नियमों के पालन को लेकर गंभीर कमियां सामने आईं।
फायर NOC से लेकर भवन अनुमति तक कई सवाल
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक टीम ने पाया कि संबंधित प्रतिष्ठानों की ओर से कई आवश्यक दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इनमें फायर NOC, भवन निर्माण अनुमति, स्थानीय निकाय की अनुमति, भूमि के व्यावसायिक उपयोग का डायवर्जन आदेश और T&CP स्वीकृत ले-आउट जैसे दस्तावेज शामिल हैं।प्रशासन ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीलिंग की कार्रवाई की।
खाद्य नमूनों की रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
प्रशासन का कहना है कि खाद्य पदार्थों के लिए गए नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम सहित अन्य प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का साफ संदेश
कलेक्टर प्रतिभा पाल के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को प्रशासन की सख्ती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। कार्रवाई में एसडीएम सागर रोहित वर्मा, तहसीलदार संदीप तिवारी, नायब तहसीलदार, पुलिस अधिकारी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, पटवारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।सवाल सिर्फ पांच प्रतिष्ठानों के सील होने का नहीं है—सवाल यह है कि इतने बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान आवश्यक अनुमति और सुरक्षा मानकों के बिना आखिर कैसे संचालित हो रहे थे? अब जांच की रिपोर्ट यह तय करेगी कि इन खामियों के पीछे सिर्फ लापरवाही थी या नियमों की जानबूझकर अनदेखी।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।

