बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अमानक/अवैध शराब के सेवन से मचा हड़कंप, पिता-पुत्र समेत 22 लोगों की मौत; प्रशासन ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए
सागर। जिले के बंडा क्षेत्र में संदिग्ध अमानक या अवैध शराब के सेवन से उपजे संकट ने अब भयावह रूप ले लिया है। इस मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 22 हो गई है, जबकि करीब 112 लोगों के बीमार होने की जानकारी सामने आई है। प्रभावित लोगों का सागर और भोपाल के अस्पतालों में उपचार चल रहा है।सबसे दर्दनाक तस्वीर उन परिवारों की है, जहां एक ही घर से पिता और पुत्र दोनों की मौत हुई है। राम प्रसाद लोधी और उनके पिता गोविंद लोधी की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। राम प्रसाद को गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर भोपाल ले जाया गया था, लेकिन रविवार देर रात उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं उनके छोटे भाई भूरे लोधी का उपचार सागर में चल रहा है।
सोमवार को भी कई लोगों की मौत की खबर सामने आई। इनमें महेश रावत (55), श्याम बाई अहिरवार (50) और कृष्ण कुमार लोधी शामिल हैं। इसके अलावा भगवान सिंह (35), गोपाल आदिवासी (40) और देश कुमार लोधी की भी मौत होने की जानकारी है। घटना के बाद पूरे बंडा क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ऐसी शराब लोगों तक कैसे पहुंची और समय रहते इस पर रोक क्यों नहीं लग सकी?
30 लोगों पर FIR, 10 गिरफ्तार
मामले में शराब की बिक्री से जुड़े ठेकेदार समेत 30 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है और शराब के स्रोत तथा इसके निर्माण एवं वितरण से जुड़े पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। घटना की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर प्रतिभा पाल ने मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। जांच की जिम्मेदारी जैसीनगर एसडीएम को सौंपी गई है।
जांच में मुख्य रूप से यह पता लगाया जाएगा कि—
- लोगों की मौत की वास्तविक वजह क्या थी?
- संदिग्ध शराब कहां तैयार या प्राप्त हुई?
- उसका भंडारण और वितरण किसके माध्यम से हुआ?
- इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे?
- संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था में कहीं लापरवाही तो नहीं हुई?
जांच अधिकारी को पूरे मामले की पड़ताल कर स्पष्ट अभिमत के साथ रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
माफियाओं के विरुद्ध सख्त रुख, दोषियों को मिलेगी कड़ी से कड़ी सजा – उप मुख्यमंत्री शुक्ल
उपमुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने बंडा क्षेत्र में अवैध, जहरीली शराब हादसे से प्रभावित गांवों का सघन दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें ढांढस बंधाया और आश्वस्त किया कि दुख की इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है। उप मुख्यमंत्री ने बंडा, शाहगढ़ तहसील के ग्राम बमूरा भेड़ा, नौराज, गूगरा खुर्द, धुरमार, चौका, हनौती एवं पापेट पहुंचकर पीड़ित तथा मृतक परिवारों के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से भेंट की। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत हृदय विदारक घटना है और प्रभावित परिवार कठिन दौर से गुजर रहे हैं। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए स्पष्ट किया कि शासन की ओर से नियमानुसार सभी प्रभावित परिवारों को हरसंभव राहत उपलब्ध कराई जाएगी।
घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त शराब माफियाओं और इसमें शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। परिजनों द्वारा की गई मांग पर उन्होंने जानकारी दी कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा अब तक 10 से अधिक आरोपियों को हिरासत में लिया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और वितरण के मुख्य स्रोत तक पहुंचकर जड़ों को पूरी तरह समाप्त किया जाए, ताकि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
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