बीना में वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन और मंडी बामोरा में प्रयागराज एक्सप्रेस के स्टॉपेज की मांग
ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की डीपीआर जल्द मंजूर करने का आग्रह
सागर सागर सांसद डॉ. लता गुड्डू वानखेड़े ने लोकसभा सत्र के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव जी से सौजन्य भेंट कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने सागर लोकसभा क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार को देखते हुए बीना जंक्शन पर वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के स्टॉपेज, मंडीबामोरा स्टेशन पर डॉ. अंबेडकर नगर-प्रयागराज एक्सप्रेस के ठहराव तथा ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर परियोजना को आगे बढ़ाने का आग्रह किया सौंपे गए मांग पत्र में सांसद डॉ. वानखेड़े ने कहा कि सागर लोकसभा क्षेत्र में आज भी किसी भी वंदे भारत एक्सप्रेस का ठहराव नहीं है, जबकि यह क्षेत्र मध्यप्रदेश का प्रमुख औद्योगिक, शैक्षणिक और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने रानी कमलापति (भोपाल)-हजरत निजामुद्दीन वंदे भारत एक्सप्रेस का बीना जंक्शन पर मात्र दो मिनट का ठहराव प्रदान करने का अनुरोध किया। इसी प्रकार उन्होंने बताया कि सागर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली कुरवाई, सिरोंज एवं शमशाबाद विधानसभा के नागरिक लंबे समय से गाड़ी संख्या 14115-14116 डॉ. अंबेडकर नगर (इंदौर)-प्रयागराज एक्सप्रेस का मंडी बामोरा रेलवे स्टेशन पर ठहराव किए जाने की मांग कर रहे हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्रों में आज भी रेल लाइन उपलब्ध नहीं है और मंडीबामोरा स्टेशन ही सबसे निकट एवं प्रमुख रेलवे स्टेशन है। यहां से प्रतिदिन हजारों यात्री यात्रा करते हैं, लेकिन इस महत्वपूर्ण ट्रेन का ठहराव नहीं होने से क्षेत्रवासियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा सांसद डॉ. वानखेड़े ने ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा नई रेल लाइन की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर परियोजना के कार्य को आगे बढ़ाने का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना बुंदेलखंड, महाकौशल एवं सतपुड़ा क्षेत्र को महाराष्ट्र से जोड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण एवं दूरदर्शी रेल परियोजना है। यह रेल मार्ग उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र के बीच सबसे कम दूरी वाला वैकल्पिक रेल कॉरिडोर बनकर यात्रियों एवं माल परिवहन दोनों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। उन्होंने मंत्री को अवगत कराया कि क्षेत्रीय सांसदों की मांग पर इस परियोजना की संशोधित डीपीआर तैयार करने की घोषणा की गई थी, जिससे पहाड़ी एवं वन क्षेत्रों को बाईपास कर परियोजना को अधिक व्यावहारिक एवं आर्थिक रूप से लाभकारी बनाया जा सके। सांसद ने बताया कि इस रेल लाइन के निर्माण से दिल्ली-ललितपुर-सागर-करेली-छिंदवाड़ा-नागपुर के माध्यम से दक्षिण भारत के लिए सबसे छोटा एवं तेज रेल मार्ग उपलब्ध होगा। इससे ईंधन एवं परिचालन लागत में कमी आएगी और वर्तमान व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव भी कम होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से सागर रेलवे स्टेशन प्रमुख जंक्शन के रूप में विकसित होगा, जिससे रेलवे के राजस्व में वृद्धि होगी। साथ ही सागर स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय, स्मार्ट सिटी, बीना रिफाइनरी, सैन्य प्रतिष्ठान, टाइगर रिजर्व सहित पूरे क्षेत्र के औद्योगिक, शैक्षणिक एवं पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी। यह रेल लाइन देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-44 (नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर) के समानांतर सबसे कम दूरी वाले मार्ग पर आधारित होने से राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को भी मजबूत करेगी।
सांसद डॉ. वानखेड़े ने रेल मंत्री से अनुरोध किया कि इस महत्वपूर्ण परियोजना की संशोधित डीपीआर को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने के बाद सर्वेक्षण एवं निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के लिए आवश्यक निर्देश दिए जाएं। उन्होंने कहा कि यह परियोजना न केवल बुंदेलखंड, महाकौशल एवं सतपुड़ा क्षेत्र के विकास का नया अध्याय लिखेगी, बल्कि उत्तर भारत से महाराष्ट्र एवं दक्षिण भारत की रेल कनेक्टिविटी को भी नई दिशा प्रदान करेगी।
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