भारतभवः | नई दिल्ली
विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा या रोजगार की तैयारी कर रहे लोगों के लिए एक अहम खबर है। 1 जुलाई से भारत में नया पासपोर्ट बनवाना महंगा हो जाएगा। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट शुल्क में संशोधन करते हुए नई फीस लागू करने का निर्णय लिया है। नई दरों के लागू होने के बाद सामान्य और तत्काल (Tatkal) दोनों श्रेणियों में पासपोर्ट बनवाने के लिए पहले से अधिक राशि चुकानी होगी।
सरकार द्वारा जारी नई अधिसूचना के अनुसार—
- 36 पेज का सामान्य पासपोर्ट अब ₹1,500 की जगह ₹2,500 में बनेगा।
- 36 पेज का तत्काल पासपोर्ट ₹3,500 से बढ़कर ₹5,000 का हो जाएगा।
- 60 पेज का सामान्य पासपोर्ट अब ₹3,500 में बनेगा।
- 60 पेज का तत्काल पासपोर्ट ₹6,000 का होगा।
- नाबालिगों के पासपोर्ट और पुलिस क्लियरेंस सर्टिफिकेट (PCC) की फीस में भी वृद्धि की गई है।
किन लोगों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
नई फीस का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ेगा जो—
- विदेश में पढ़ाई की तैयारी कर रहे हैं।
- नौकरी या रोजगार के लिए विदेश जाना चाहते हैं।
- पर्यटन या बिजनेस यात्रा की योजना बना रहे हैं।
- पहली बार पासपोर्ट बनवाने जा रहे हैं।
सरकार ने क्यों बढ़ाई फीस?
सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सेवा से जुड़ी प्रशासनिक और तकनीकी लागत में वृद्धि को देखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। उल्लेखनीय है कि पासपोर्ट की वैधता में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वयस्कों का पासपोर्ट पहले की तरह 10 वर्ष और नाबालिगों का 5 वर्ष (या 18 वर्ष की आयु तक) वैध रहेगा। पासपोर्ट शुल्क में यह लगभग 14 वर्षों बाद की गई बड़ी वृद्धि मानी जा रही है। इससे पहले व्यापक स्तर पर फीस में संशोधन वर्ष 2012 में किया गया था।
पासपोर्ट आज केवल विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और वैश्विक अवसरों का प्रवेश द्वार बन चुका है। ऐसे समय में फीस बढ़ने से लाखों छात्रों, युवाओं और मध्यमवर्गीय परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। हालांकि सरकार इसे सेवा लागत के अनुरूप आवश्यक संशोधन बता रही है, लेकिन आम नागरिकों के लिए यह निर्णय जेब पर असर डालने वाला साबित होगा।
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