पश्चिम बंगाल में सरकार बनाने के बाद भाजपा सर्वाधिक उत्साहित है जैसे उसका सपना साकार हो गया हो पूरब में खिले कमल के बाद अब भाजपा पूरे देश में महत्वपूर्ण फैसलों को लेने जा रही है जिसमें राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन के अलावा भाजपा शासित राज्यों में चुनावी जमावट नियुक्तियों के माध्यम से शुरू करेंगी।
दरअसल पांच राज्यों के विधानसभा के चुनाव के कारण पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर और राज्यों के स्तर पर भी महत्वपूर्ण फैसले टाल रही थी लेकिन अब परिणाम से उत्साहित भाजपा तेजी से सरकार संगठन के स्तर पर फैसले लेगी राष्ट्रीय स्तर पर जहां महत्वपूर्ण फैसला राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन का होगा वहीं विभिन्न राज्यों में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन निगम मंडलों में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार जैसे महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में भी लगभग 50 निगम मंडल और प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को नियुक्तियों की।
फैसलों को लेने की शुरुआत उत्तर प्रदेश से
जैसा कि अनुमान या पांच राज्यों के चुनाव हो जाने के बाद भाजपा हाई कमान राष्ट्रीय कार्यकारिणी का गठन और राज्यों में सत्ता और संगठन के महत्वपूर्ण फैसला लेना शुरू करेगी और इसकी शुरुआत रविवार को उत्तर प्रदेश से हो चुकी है जहां योगी सरकार के मंत्रिमंडल में 6 नए चेहरों को शामिल किया गया है अब इसके बाद मध्य प्रदेश में सत्ता और संगठन से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले मसलन प्रदेश कार्य समिति का गठन निगम मंडलों में नियुक्तियां और मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। हालाँकि पिछला पखवाड़ा नियुक्तियों से सराबोर रहा जब 29 निगम मंडल प्राधिकरण में अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों के पदों पर जनप्रतिनिधियों की नियुक्तियां की गई लेकिन सबसे महत्वपूर्ण राजधानी भोपाल में भोपाल विकास प्राधिकरण इंदौर में इंदौर विकास प्राधिकरण खजुराहो विकास प्राधिकरण ओरछा विशेष क्षेत्र प्राधिकरण देवास विकास प्राधिकरण महेश्वर मंडलेश्वर विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण पचमढ़ी विशेष क्षेत्र विकार प्राधिकरण कटनी विकास प्राधिकरण बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में नियुक्तियों का इंतजार अभी भी चल रहा है इन चिकास प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के दावेदारों की संख्या ज्यादा है जिसके कारण अभी तक नियुक्तियां टलती आई है लेकिन अब नहीं टलेगी इनके अलावा बड़े निगम मंडल प्राधिकरणों में अभी तक अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियां भी नहीं हो पाई है मसलन ऊर्जा विकास निगम पर्यटन विकास निगम स्टेट एग्रो इंडस्टरीज कॉरपोरेशन राज्य इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कॉरपोरेशन स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम में भी अध्यक्ष उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्तियों होना है राज्य कृषक आयोग का अध्यक्ष पद भी लंबे समय से खाली है।
बहरहाल हाल ही में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की दिल्ली यात्रा के बाद मध्य प्रदेश में भी सियासी हलचल तेज हो गई है प्रदेश में प्रदेश कार्यकारिणी का गठन निगम मंडलों में प्राधिकरणों में नियुक्तियों के बाद मंत्रिमंडल विस्तार की संभावनाएं भी बढ़ गई मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव की सरकार के वाई वर्ष पूरे होने जा रहे हैं मुख्यमंत्री मंत्रियों के परफॉर्मेंस की समीक्षा भी करने जा रहे हैं जिसमें कुछ बिंदु भी तय किए गए हैं जैसे मंजे भोपाल में कितने दिन रहे और मंत्रालय में कितने दिन बैठे विभागीय कामकाज में मंत्री का कितना इंवॉल्वमेंट रहा विभाग में सरकार की प्राथमिकता वाले कामों को मंत्रियों ने कितनी तवज्जो दी प्रभार वाले जिलों में कितनी चार गए और रात्रि विश्राम किया या नहीं विभागीय अधिकारियों से कैसा तालमेल रहा और चीजेपी घोषणा पत्र में विभागीय कामकाज को समय सीमा में पूरा किया कि नहीं जैसे प्रमुख बिंदुओं पर समीक्षा होगी इसके पहले भी मुख्यमंत्री भोपाल खजुराहो में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा कर चुके हैं लेकिन मंत्रिमंडल विस्तार से पूर्व चार दिन में मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय सेवा की करनाल सोफिया कुरैशी पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में मंत्री विजय शाह के मामले में सरकार को दो टूक कहा है कि बस बहुत हुआ हमारे आदेश का पालन कीजिए ऐसे में मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान विजयशाह और खराब परफॉर्मेंस वाले मंत्रियों की जगह कुछ नए मंत्री बनाए जाएंगे चार मंत्रियों के पद वैसे भी खाली है ऐसे में सरकार अब अन्य फसलों के साथ-साथ मंत्रिमंडल विस्तार का फैसला भी जल्दी ले सकती हैं।कुल मिलाकर पांच राज्यों के परिणाम के बाद उत्साहित भाजपा अब फसलों को लेने में देश के साथ-साथ राज्यों में भी तेजी दिखा सकती है ऐसी ही संभावनाओं के बीच मध्य प्रदेश की राजनीति में भी सियासी हलचल तेज हो गई है।
श्री देवदत्त दुबे ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश
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