महाशिवरात्रि पर्व पर तीन दिवसीय सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री
वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हल्दी रस्म कार्यक्रम का किया शुभारंभ
अबूझ महूर्त पर वृहद स्तरीय कन्या विवाह कार्यक्रम में बेटियों को मिलेंगे 51-51 हजार रूपए
उल्लास और आनंद के माहौल में गरीब परिवार की बेटियों के सामूहिक कार्यक्रम की पहल सराहनीय है। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने सनातन संस्कृति की अलख जगाई है। धाम में गत वर्ष प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कैंसर अस्पताल की सौगात भी प्रदान की गई।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुक्रवार को छतरपुर जिले के ग्राम गढ़ा स्थित बागेश्वर धाम स्थल पर सप्तम सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव में यह बात कही। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 300 कन्याओं के सामूहिक विवाह कार्यक्रम के 3 दिनी उत्सव के तहत हल्दी रस्म कार्यक्रम का शुभारंभ किया। बाहर से आए विभिन्न आचार्यों की उपस्थिति में विधि विधान से एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंडप पूजन संपन्न कराया गया।महाशिवरात्रि पर्व पर रविवार को बगैर माता पिता के 7 बेटियों सहित बगैर पिता की 138 एवं बगैर माता की 28 कन्याओं के विवाह संपन्न होंगे। इसके अलावा 8 दिव्यांग बेटियों और 39 बेहद गरीब परिवार की बेटियों का विवाह भी होगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर कहा कि बागेश्वर धाम की देश दुनिया में अलग प्रसिद्धि है। उन्होंने कहा कि समस्त देव स्थान चमत्कारिक हैं। 16 संस्कारो में विवाह संस्कार का व्यापक एवं अलग महत्व है। उन्होंने कहा कि धीरेन्द्र शास्त्री द्वारा हिन्दुत्व एवं सनातन संस्कृति के माध्यम से लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस मुहिम में सभी सनातनी लोगों का भी महत्वपूर्ण योगदान है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1000 साल बाद अब सोमनाथ मंदिर को भी नई पहचान मिली है। अयोध्या में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई। सरकार पूरे संकल्प के साथ पीठाधीश्वर के परोपकारी कार्यों में साथ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी महाशिवरात्रि पर्व पर 3 हजार कन्याओं का विवाह हो, ऐसी आशा और उम्मीद है। इसके अलावा तीन अबूझ महूर्त बसंत पंचमी, अक्षय तृतीया और देवउठनी एकादशी पर सामूहिक विवाह कार्यक्रम की तय तिथियों पर सामूहिक विवाह आयोजन पर प्रत्येक कन्याओं को 51-51 हजार रूपए के लाभ प्रदान करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाहिक कार्यक्रम से अनावश्यक खर्च पर रोक के साथ अलग आनंद की अनुभूति होती है। इससे समाज को अच्छा और सकारात्मक संदेश भी मिलता है। इसलिए सक्षम लोगों को भी इस पुनीत कार्य में आगे आना चाहिए। मृत्यु अवसरों पर भी दिखावे की प्रवृत्ति से लोगों को बचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गरीब कन्याओं के वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने के अवसर को सौभाग्य का क्षण बताया और कहा कि इसका साक्षी बनकर मन प्रफुल्लित है। इस भव्य और दिव्य आयोजन में शामिल नवदंपत्तियों को रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए भी कहा।
पीठाधीश्वर धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जीवन हिन्दु, हिन्दुत्व और मध्यप्रदेश की जनता के कल्याण के लिए समर्पित है। उन्होंने गौवंश और गौशालाओं के उत्थान सहित धार्मिक स्थलों के समग्र विकास के लिए मुख्यमंत्री के प्रयास की सराहना की और प्रखर और मुखर मुख्यमंत्री को भगवान कृष्ण कन्हैया के वंशज की संज्ञा भी दी। साथ ही संत समाज के कल्याण के लिए किए गए प्रयासों का भी स्मरण किया।
स्थानीय विधायक अरविंद पटेरिया ने स्वागत उद्बोधन दिया और सिद्ध पीठ के माध्यम से विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं की जानकारी भी दी। कार्यक्रम की शुरूआत में लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह, चित्र और हल भेंट कर आत्मीय स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सांसद विष्णुदत्त शर्मा सहित पशुपालन एवं डेयरी विकास राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार श्री लखन पटेल, वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पूर्व राज्यमंत्री श्रीमती ललिता यादव, विधायक श्री राजेश शुक्ला एवं अन्य जनप्रतिनिधि, श्रीमती अर्चना सिंह, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल, पुलिस अधीक्षक श्री अगम जैन भी उपस्थित रहे।
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