15 अगस्त 2021 को अफगानिस्तान पर अपना कब्ज़ा करने के बाद तालिबान द्वारा विश्व विरादरी को कई प्रकार की दलीले दी जा रही है जिसमे तालिबान अपने पुराने रूप को बदलने का दावा कर रहा है लेकिन पिछले हफ्ते अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान द्वारा किये जा रहे वर्ताव से उसकी बातों पर शंशय जारी है ताजा मामला अफगानिस्तान की शिक्षा पद्धति में किये गए बदलाव से है तालिबान द्वारा दूसरी बार काबुल पर कब्ज़ा करने के बाद पहला फतवा जारी किया गया है। जिसमे तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के हैरात प्रान्त में सहशिक्षा प्रणाली को प्रतिबंधित कर दिया गया है तालिबानी अधिकारियों ने इसे ‘समाज में सभी बुराइयों की जड़’बताते हुए सरकारी और निजी विश्वविद्यालयों में सह-शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया है। विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, निजी संस्थानों के मालिकों और तालिबान अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया गया । गौरतलब है कि पिछले दो दशकों में, अफगानिस्तान ने सभी विश्वविद्यालयों और संस्थानों में सह-शिक्षा और लिंग-आधारित अलग-अलग कक्षाओं की मिश्रित प्रणाली लागू की है।
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