प्यादे से फर्जी भयो,टेढ़ो-टेढ़ो जाए

रावण और विभीषण भारतीय राजनीति के लिए नयी उपमाएं नहीं हैं।हर राजनीतिक दल इन उपमाओं का इस्तेमाल करता है। दुस्साहसी लोग सूर्पनखा का भी इस्तेमाल