कलमदार

खड़ग बनाम कांग्रेस की ढाल

जनता जनार्दन के लिए आखिर जनार्दन खड़गे कांग्रेस की ढाल बनकर कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सामने हैं। खड़गे को ऐसे समय में कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया है जब कांग्रेस भारतीय राजनीति में हासिए पर होकर भी हासिए पर नहीं है। एक भारतीय के नाते हम सबका कांग्रेस से कोई न कोई रिश्ता रहा है । मुमकिन है कि आप कांग्रेस के सदस्य हों, शुभचिंतक हों,या विरोधी हों, लेकिन कांग्रेस को जानते और कमी चीजों के लिए जिम्मेदार मानते हैं।यानि कांग्रेस के बिना भारतीय जनता का गुजारा नहीं है। कांग्रेस सत्ता में रहे या विपक्ष में, लेकिन कांग्रेस है। चार दशक पहले भारतीय राजनीति में जन्मी भाजपा के लिए कांग्रेस शुरू से ही एक समस्या रही, फलस्वरूप भाजपा के मौजूदा नेतृत्व ने देश को कांग्रेस विहीन बनाने का संकल्प लिया। राजनीति में हर संकल्प पूरा हो ये आवश्यक नहीं है। भाजपा की तमाम कोशिशों के बावजूद कांग्रेस मर,मर कर जी उठती है।यानि कांग्रेस फीनिक्स पक्षी जैसी है। मृतप्राय कांग्रेस को पुनर्जीवित करने के लिए कायदे से किसी युवा को कांग्रेस की कमान सम्हालना चाहिए थी, लेकिन इसके विपरित कांग्रेस का नेतृत्व80 साल के जनार्दन खड़गे के कंधों पर रख दिया गया,वो भी तदर्थ तरीके से नहीं बल्कि चुनाव के जरिए।

एक हकीकत ये भी है कि जिस उम्र के नेता को कांग्रेस ने भरोसेमंद माना है उस उम्र के नेता हाल के वर्षो में भाजपा में खारिज कर दिए गए हैं, उन्हें मार्गदर्शक मंडल में डाल दिया गया है जिसे आप भाजपाई राजनीति का कूड़ादान कह सकते हैं। लगातार तीसरी बार सत्ता में आने के लिए संघर्षरत भाजपा के लिए तेरह साल बाद भी असल चुनौती कांग्रेस की ओर से है। भाजपा ने अपनी रणनीति और मेहनत से कांग्रेस को संसद और विधानसभाओं में संख्या के लिहाज से भले ही कम कर लिया है किन्तु विचारधारा के हिसाब से बहुत ज्यादा नुक्सान नहीं पहुंचा सकी। भाजपा की राजनीति को देश की राजनीति के लिए घातक मानने वाली कांग्रेस जब सड़क पर उतरी तो साफ हो गया कि पिछले तेरह साल में भाजपा द्वारा की गई तमाम मेहनत अकारथ गई।अटल-आडवाणी से लेकर मोदी-शाह की जोड़ी का सारा श्रम’ नौ दिन चले अढ़ाई कोस’ जैसा साबित हुआ।

अब कांग्रेस के पास संगठन के लिए अनुभवी और सड़क के लिए जुझारू नेता अलग अलग हैं। परिवार वाद से घिरी कांग्रेस के परिवार में एक नई ऊर्जा दिखाई दे रही है। ये ऊर्जा भले ही कांग्रेस को केंद्र में सत्तारूढ़ न करा सके किन्तु देश की राजनीति में उसकी प्रासंगिकता को बढ़ाने में जरूर शामिल होगी। कांग्रेस पर देश को विभाजित करने, और पीछे ले जाने के आरोप अब धारदार नहीं रहे।इन आरोपों को जनार्दन खड़गे की ढाल झेल लेगी। नयी कांग्रेस पर भाजपा का ईडी, सीबीआई प्रहार भी मोथरा साबित हुआ। भाजपा राहुल और सोनिया गांधी को भयभीत नहीं कर सकी। फलस्वरूप तमाम विपक्षी दलों का हौसला भी बढा है। शुरू में जिन व्यक्तिवादी राजनीतिक दलों को भाजपा ब्लेकमेल करने में कामयाब हुई थी,वैसा अब नहीं हो रहा।हर दिशा में भाजपा के खिलाफ बगावत हो रही है।

मुमकिन है कि मेरा आकलन गलत हो किन्तु मेरा अपना मत है कि भाजपा का देश की राजनीति को कांग्रेस मुक्त करने का सपना कम से कम इस दशक में तो पूरा होने वाला नहीं है। मोदी-शाह की जोड़ी के प्रति मेरी सहानुभूति का असल कारण भी यही है।आप याद कीजिए कि जिस सामंतवाद को कांग्रेस ने अपना पालतू शेर बना लिया था,वो ही सामंतवाद आज भाजपा की जरूरत बन गया है। आने वाले दिनों में देश की राजनीति में कांग्रेस की वापसी होगी या खड़गे सचमुच की कठपुतली साबित होंगे, ये देखने का है। कांग्रेस आज एक बार फिर ‘ करो या मरो’ की स्थिति में है। कांग्रेस मरने से बचने के लिए जो मुमकिन है सो कर रही है। कांग्रेस के अध्यक्ष पद के चुनाव में उंगली कटाकर शहीद हुए शशि थरूर कांग्रेस में ही रहकर कांग्रेस के लिए काम करेंगे या गुलाम नबी आजाद की तरह कोई नई जमीन तलाशेंगे ये भी देखने की बात है।तेल देखिए,तेल की धार देखिए।

व्यक्तिगत विचार आलेख-

श्री राकेश अचल जी ,वरिष्ठ पत्रकार , मध्यप्रदेश  ।

Share this...
bharatbhvh

Recent Posts

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड -दो करोड़ की बरामदगी

अयोध्या। करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की कथित करोड़ों…

4 days ago

मुख्यमंत्री यादव ने केसली में 190.85 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज सागर जिले के केसली विकासखंड के प्रवास के दौरान…

6 days ago

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण सांसद वानखेड़े ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

मोदी सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर सांसद वानखेड़े ने प्रबुद्ध जनों  से भेंट…

1 week ago

सागर में स्वस्थ्य लिवर कार्यक्रम के अंतर्गत नि:शुल्क लिवर जांच शिविर का आयोजन

विश्व लीवर दिवस के उपलक्ष्य में छावनी परिषद सागर,रोटरी क्लब सागर मेन एवं सुकून क्लब…

1 week ago

मुख्यमंत्री के आगमन से देवरी विधानसभा के विकास को नई गति मिलेगी – पटैरिया

मुख्यमंत्री मोहन यादव 14 जून को केसली में करेंगे 190.85 करोड़ रुपए के 53 निर्माण…

1 week ago

मध्यप्रदेश राजनीतिनामा – तीसरी सीट के लिए तिकड़म तेज

रविवार का दिन राजनीतिक रस्सा कशी का रहा मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पूरा दिन…

2 weeks ago