मेडिकल दाखिले की परीक्षा में हुई कथित गडबडी पर क्या सरकार कोई भी चर्चा नहीं करना चाहती है ? क्या लोकसभा में नीट परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिये थी ? और यदि यह छात्रो के भविष्य से जडा हुआ गंभीर मामला है तो सरकार सदन में इससे भागी क्यों ? दो जुलाई को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर नीट पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था लेकिन उसे अनदेखा करते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया। यदि सरकार चाहती तो 3 जुलाई तक सदन चलाकर नीट पर चर्चा करा सकती थी लेकिन इसे एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया।
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