मेडिकल दाखिले की परीक्षा में हुई कथित गडबडी पर क्या सरकार कोई भी चर्चा नहीं करना चाहती है ? क्या लोकसभा में नीट परीक्षा पर चर्चा की जानी चाहिये थी ? और यदि यह छात्रो के भविष्य से जडा हुआ गंभीर मामला है तो सरकार सदन में इससे भागी क्यों ? दो जुलाई को नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर नीट पर चर्चा कराने का अनुरोध किया था लेकिन उसे अनदेखा करते हुए सदन को अनिश्चितकाल के लिये स्थगित कर दिया गया। यदि सरकार चाहती तो 3 जुलाई तक सदन चलाकर नीट पर चर्चा करा सकती थी लेकिन इसे एक दिन पहले ही समाप्त कर दिया गया।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें , धन्यवाद।
कर्नाटक की जांच में 31.2% तक इथेनॉल मिलने का दावा राहुल का आरोप—जनता की गाड़ी…
श्रीरामराजा सरकार के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं जनकल्याण की कामना की श्रीरामराजा लोक…
10वीं की परीक्षा 9 मार्च तक, जबकि 12वीं के विद्यार्थियों को 9 अप्रैल तक देना…
ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस बार दीपावली पर विशेष संयोग, सुख-समृद्धि और व्यापारिक उन्नति की…
जांच एजेंसियों की मनमानी पर लगेगी लगाम नई दिल्ली। किसी व्यक्ति को हिरासत में लेने…
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र ने दिए पुनर्विचार के संकेत, कमेटी बनाने पर भी विचार। सामान्य…