भोपाल के कराटे खिलाड़ियों द्वारा करोंद चौराह पर पोस्टर एवं रंगोली बनाकर लोगो को बताया संविधान का इतिहास
भोपाल। तिनका सामाजिक संस्था की शाखा भोपाल कराटे क्लास की प्रशिक्षिका दीपा जाट एवं कराटे खिलाडी निधि अहिरवार दीन दयाल एवं आरती यादव माली खेड़ी के स्टूडेंट भी शामिल हुए , सभी कराटे खिलाडिय़ों द्वारा करोंद चौराह पर संविधान पर पोस्टर एवं रंगोली बनाई गई, साथ ही लोगो को संविधान का इतिहास बताया गया कराटे खिलाड़ियों द्वारा बताया गया की वहां पर आने जाने वाले लोगो को पता ही नही था की 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है। ओर संविधान दिवस क्यों मनाते है कुछ नही पता था फिर कराटे खिलाडिय़ों द्वारा बताया गया की हमारा भारतीय संविधान लिखने वाली सभा में 299 सदस्य थे जिसके अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद थे।
संविधान सभा ने 26 नवम्बर 1949 में अपना काम पूरा कर लिया और 26 जनवरी 1950 को यह संविधान लागू हुआ। इसी दिन कि याद में भारत में हर वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं। वहां से निकल रहे लोगो ने कहा की आज कल बड़े लोग भी इन बातो को याद नही रखते ओर तुम इतने छोटे छोटे बच्चे होकर भी सब याद रख रहे हो तो कराटे। खिलाडिय़ों ने कहा की हम भले ही छोटे बच्चे है पर हम इन रंगोलियो के माध्यम से सबको याद दिलाना चाहते है की हमारा संविधान क्यों बना और हमारे संविधान से हमे क्या मिला , आज जो स्वतंत्रता हमे मिली है जो अधिकार मिले है वह सब संविधान की ही देन है, आस पास के लोगो ने सभी कराटे क्लास के बच्चो की प्रशंसा की ओर उनके काम की तारीफ की साथ ही उनके कार्य और उनके ज्ञान को देखकर कराटे क्लास आने के लिए भी कहा।
⇑ वीडियो समाचारों से जुड़ने के लिए कृपया हमारे चैनल को सबस्क्राईब करें और हमारे लघु प्रयास को अपना विराट सहयोग प्रदान करें , धन्यवाद।
जिस तरह से भाजपा खेमे से चर्चा चल पड़ी है कि वह प्रदेश की राज्यसभा…
संसद में महिला आरक्षण बिल को सभी दलों का सर्मथन प्राप्त है फिर भी इसमें…
“शिक्षित बनो, संघटित रहो, संघर्ष करो“ डॉ. भीमराव अम्बेडकर (प्रचलित नाम: बाबासाहेब अम्बेडकर) भारतीय इतिहास…
भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर ने संघर्ष, परिश्रम, दूरदृष्टि, सादगी को जीवन में अंगीकार कर देश…
राज्यसभा के उपसभापति रहे हरिवंश को फिर से राज्यसभा की सदस्यता मिल गई है। उन्हे…
खुरई। पूर्व गृहमंत्री, खुरई विधायक श्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा खुरई किला प्रांगण स्थित डोहेला मंदिर…