मध्यप्रदेश – परीक्षा के दौर से गुजर रहे हैं मंत्री

मध्यप्रदेश – परीक्षा के दौर से गुजर रहे हैं मंत्री

प्रदेश के मंत्रियों की विभागीय समीक्षा हो चुकी है पत्रकार वार्ता के माध्यम से अपनी उपलब्धियां बता रहे हैं आगामी 3 वर्षों की कार्य योजना भी साझा कर रहे हैं लेकिन पार्टी हाई कमान जिस तरह के चौंकाने वाले निर्णय लेने के लिए पहचानी जाने लगी है उससे प्रदेश के संभावित मंत्रिमंडल विस्तार में कोन रहेगा कौन जाएगा कोई नहीं समझ सकता क्या गुजरात की तर्ज पर सामूहिक स्थिति पर होंगे या फिर मामूली फेर बदल कुछ भी हो मंत्रियों के लिए यह समय परीक्षा के दौर जैसा हे सदे कदमों से दिन निकल रहे हैं कहीं कोई गड़बड़ ना हो जाए और जिनसे पिछले 2 वर्षोंमें गड़बड़ी हो चुकी है वे उन्हें भुलाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल वैसे तो जनप्रतिनिधियों की असली परीक्षा 5 साल होती है जिसमें पहले पार्टी के अंदर टिकट हासिल कर लेना और दूसरा चुनाव जीत लेना लेकिन इस बीच तिमाही 6 माही जैसी परीक्षाएं भी होती है जिसमें जो मंत्री है वह अपना मंत्री पद बचाए रखने के लिए प्रयास करते हैं और जो विधायक है वह मंत्री बनने के लिए जोड़-तोड़ करते हैं।ऐसे में एक-एक बोल और एक-एक कदम बहुत मायने रखता है या फिर पार्टी हाई कमान की नजरों में इमेज ठीक हो तो फिर निश्चितता रहती है।
बहरहाल कुछ ही दिन पूर्व मुख्यमंत्री निवास में हुई बैठक बाद प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है खासकर सरकार के 2 साल पूरे के होने और राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति होने के बाद सरकार और संगठन में सक्रियता बढ़ गई है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव नेमंत्रियों की विभागीय समीक्षा भोपाल और खजुराहो में पूरी कर ली है विभिन्न स्तरों पर मंत्रियों की रिपोर्ट तैयार हो चुकी है।
की इस समय मंत्री पत्रकार वार्ता के माध्यम से विभाग की 2 साल की उपलब्धियां को आम जनता के बीच पहुंचाने की कोशिश में लगे हुए हैं। दिन में दो दो तीन तीन मंत्रियों की पत्रकार वार्ता हो रही है जिससे माना जा रहा है कि मंत्रियों इस समय परीक्षा जैसी चल रही है क्योंकि निगम मंडलों में नियुक्तियों के बाद एल्डरमैन और प्रदेश के सरकारी कॉलेज जन भागीदारी समिति में नियुक्ति की जाएगी और इसके बाद में मंत्रिमंडल विस्तार होना प्रस्तावित है इसके संकेत मुख्यमंत्री भी दे चुके हैं।मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जमवाल भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद विशेष रूप से मौजूद थे।इस बैठक में प्रदेश में पिछले 2 साल से जो नेता राजनीतिक नियुक्तियों की उम्मीद लगाए बैठे हैं ऐसे लगभग दो दर्जन नामको तय किया गया है लगभग 15 नामो पर सहमति वन चुकी है पहली सूची कभी भी आ सकती है और दूसरी सूची भी 15 दिन बाद आ जाएगी नया साल नियुक्तियों के दौर से शुरू होगा यह बताते चले की मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार ने फरवरी 2024 में विभिन्न निगम मंडल बोर्ड और प्राधिकरण की सभी नीतियों को निरस्त कर दिया था और पिछले 1 वर्ष से कवायद चल रही है और अब परिस्थितियों बन गई है।क्योंकि सहमति बन गई है माना जा रहा है कि पहले दौर में भोपाल विकास प्राधिकरण उज्जैन विकास प्राधिकरण इंदौर विकास प्राधिकरण और बुंदेलखंड विकास प्राधिकरण में नियुक्ति की जा सकती है इसके बाद अन्य नियुक्तियां होगी।कुल मिलाकर प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां और मंत्रिमंडल विस्तार के लिए बैठकों का दौर हो चुका है और एक का का तैयार हो गया है नामों तैयार है बस समय का इंतजार है कि आखिर जाते हुए साल में या नए साल के पहले पखवाड़े में नियुक्तियों की सूची लिए की सूची जारी करें यह दौर मंत्रियों के किसी परीक्षा किसी परीक्षा से कम नहीं है।

देवदत्त  दुबे  

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