मध्यप्रदेश के सागर जिले में खनिज अधिकारी से जानकारी लेने खनिज विभाग गए पत्रकार से अभद्र व्योवहार का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है इस घटनाक्रम में पत्रकार पर हुई इकतरफा कार्यवाही से जिले भर के पत्रकारों में रोष व्याप्त है । दरअसल बुधवारको दोपहर करीब डेढ़ बजे पत्रकार मुकुल शुक्ला खनिज अधिकारी अनिकेत पडया से एक मामले को लेकर बाईट करने उनके कार्यालय पहुंचे। तब खनिज अधिकारी द्वारा उन्हें बाइट देने से इनकार करते हुए उनके साथ गालियां देते हुए मारपीट कर अपने ऑफिस से बाहर निकाल दिया। जिसके वीडियो पत्रकार मुकुल शुक्ला के पास उपलब्ध हैं और सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो वायरल हो गया । इसके दूसरे दिन गुरुवार को खनिज अधिकारी द्वारा गोपालगंज थाने में जाकर पत्रकार मुकुल शुक्ला के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया गया। खनिज अधिकारी अनित पडया की शिकायत पर गुरुवार को गोपालगंज थाना में पत्रकार मुकुल शुक्ला पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया। जिसके विरोध में पत्रकारों ने गोपालगंज थाना में जाकर विरोध किया। साथ ही खनिज अधिकारी पर मारपीट और गालियां देने की शिकायत की रिपोर्ट दर्ज करने की मांग की। जब पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो पत्रकारों ने लाल स्कूल के सामने चक्काजाम कर दिया। गुरुवार की दोपहर करीब 2 बजे से चक्काजाम कर दिया। करीब आठ घंटे बाद पत्रकार रात में हटे। आज 07 मार्च को पत्रकारों ने पुनः प्रदर्शन करने की चेतावनी दी है। पुलिस के इस रवैए की चारो तरफ निंदा हो रही है। मीडिया जगत में आक्रोश बना हुआ है। अनेक मीडिया संगठनों ने इसकी निंदा की है।
पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने दिखाई संवेदनशीलता
पत्रकारों के चक्काजाम की जानकारी लगते ही सागर से निकल रहे रहली विधायक पंण् गोपाल भार्गव चक्काजाम स्थल पहुंचे। जहां उन्होंने पत्रकारों से बात की साथ ही उनकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचाने का आश्वान दिया। पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने मौके से ही कलेक्टर और एसपी से चर्चा की ण् उन्होंने विवाद की घटना को निंदनीय बताया। पत्रकारों द्वारा गुरुवार को लाल स्कूल के सामने चक्काजाम पर प्रशासन और पुलिस ने कोई ध्यान नहीं दिया। करीब 2 बजे से पत्रकारों ने चक्काजाम शुरू किया लेकिन रात 9 बजे तक कोई भी अधिकारी चक्काजाम स्थल पर नहीं पहुंचा था। इस दौरान मुकुल शुक्ला ने केरोसिन तेल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। मौके पर मौजूद पत्रकारों ने बचाया। पत्रकारों का कहना है कि इस घटनाक्रम पर यदि सख्त कार्यवाही नहीं की जाती है तो आंदोलन और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी रहेगा ।

