अपराध

कब तक बिकेंगी विष भरी दवाएं

उफ.. लोग जाएं तो कहां जाएं किसी का बच्चा बीमार होगा तो वह तुरंत अस्पताल के लिए दौड़ेगा और वहां डॉक्टर जो दवाई लिखेगा तुरंत बच्चों को खिलाएगा खरीदा गया है वह दवा के भेष में जहर है 14 मासूमों की मौत के बाद क्या प्रत्येक जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी और भविष्य में ऐसा नहीं होगा इसकी गारंटी कौन देगा। लेकिन यह कैसे पता चले कि जिस दवा को दरअसल मध्य प्रदेश और राजस्थान में जहरीले कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के मामले में कार्रवाई तो शुरू हो गई लेकिन जितनी देरी हुई और जिस ढंग से हो रही है उससे लोगों की नाराजगी बढ़ना स्वाभाविक है पहले तो इस बात को नाकारा ही जा रहा था लेकिन तमाम रिपोर्ट जब आ गई और यह तय हो गया की बच्चों को जो सिरप दिया गया है वह जहरीला है उसके बाद छिंदवाड़ा के परासिया थाने में दरबार निर्माता कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स और डॉक्टर प्रवीण सोनी पर हत्या का मुकदमा पुलिस में दर्ज कर लिया है और देर रात डॉक्टर को गिरफ्तार भी कर लिया है लेकिन अभी तक कंपनी के किसी कर्ता धर्ता को गिरफ्तार नहीं किया गया है।

बहरहाल स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही के कारण मासूम बच्चों की मौत हत्या जैसी है विभाग कब गंभीर होगा प्रदेश में 75 से ज्यादा अमानत दवाएं बाजार में दिख रही है दबाव की गुणवत्ता जांच के लिए समय-समय पर सैंपल लिए जाते हैं लेकिन फिर कैसे दवाये मेडिकल स्टोर पर बिकने लगती है केवल जनवरी से अगस्त के बीच 27 कंपनियों की 76 दवाये अमानक पाई गई और यदि सभी कंपनियों की दवाइयां की जांच होगी तो और कितनी दवाएं अमानत पाई जाएंगी इतना बड़ा अमला स्वास्थ्य विभाग में आखिर क्या कर रहा है यह सबसे बड़ा सवाल है लोगों की जान से खिलवाड़ हो रही है बागड ही खेत को खा रही है कभी जानवरों के इंजेक्शन मनुष्यों को लगा दिए जाते हैं कभी चूहा अस्पताल में बच्चों को उत्तर देता है कभी इंजेक्शन के अंदर कचरा मिल जाता है आखिर आम आदमी क्या करें वह बीमार पड़े उसके बच्चे बीमार पड़े तो वह कहां जाए अब तो अस्पताल जाने में भी डर लगने लगा है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग की अहम कड़ी वह ड्रग इंस्पेक्टर भी है जो मेडिकल स्टोर के निरीक्षण के नाम पर हफ्ता वसूली करते हैं यह घटना इतनी भयावह है जिन परिवारों के बच्चे मृत हुए हैं उनकी पीड़ा को देखकर हर किसी का दिल दहल रहा है लेकिन क्या जिम्मेवार अभी सुधरेंगे अब तो भरोसा उठ रहा है जिस तरह से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई करने की बात कही है वह होना ही चाहिए और किसी को भी बक्सा नहीं जाना चाहिए।

श्री देवदत्त दुबे  ,वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनैतिक समीक्षक, मध्यप्रदेश  

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