शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में देश और दुनियाँ के सर्वाधिक प्रतिष्ठित महोत्सव ” तानसेन समारोह ” ने ग्वालियर को संगीत का तीर्थ बनाया था। अब
Category: संस्कृति
सबके लिए एक—जैसा कानून क्यों नहीं ?
भाजपा कई वर्षों से लगातार वादा कर रही है कि वह सारे देश में सबके लिए निजी कानून एक-जैसा बनाएगी। वह समान नागरिक संहिता लागू
ये न ‘लव’ है और न ही ‘जिहाद’
थोक वोट कबाड़ने के लिए हमारे राजनीतिक दल आजकल ऐसे-ऐसे पैंतरे अपना रहे हैं और बेसिर-पैर की दलीलें दे रहे हैं कि कई बार मुझे
सागर विधानसभा से शराबबंदी अभियान की शुरुआत
समाज नशे के अंधकारमय वातावरण से प्रकाश की ओर जाए इस दिशा में शराबबंदी आंदोलन की शुरुआत हुई है जिसमें सभी को सहयोग करना चाहिए:
सागर में प्रख्यातआध्यत्मिक वक्ता जाया किशोरी जी का कार्यक्रम
देश की प्रख्यातआध्यात्मिक वक्ता जया किशोरी जी का सागर में पहला आयोजन होने जा रहा है आगामी 23 नवंबर को सागर में आयोजित कार्यक्रम में
जागरण की वेला: भगवान की ही नहीं,आपकी भी…
नींद और जागरण एक दूसरे के विलोम क्रियाएं हैं।थका हुआ व्यक्ति हो या देवता या असुर सब नींद चाहते हैं। नींद का आव्हान करते हैं।
छोटी सी कहानी….
कहानी न० १: एक कंपनी की हर दीपावली की पूर्व संध्या पर एक पार्टी और लॉटरी आयोजित करने की परंपरा थी..! लॉटरी ड्रा के नियम
‘ हेलोवीन ‘( भूतोत्सव ) : अजब त्यौहार के साथ गजब अनुभव
दुनिया के हर देश की अपनी -अपनी लोक मान्यताएं और विश्वास होते हैं। इनमें एक है अपने पूर्वजों के प्रति स्नेह,समर्पण और उनका स्मरण। अमेरिका
आदिपुरूष – सनातन संस्कृति की आधारशिला पर अराजक प्रहार…
यह सत्य है कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारतीय समाज ,संस्कृति, राजनीति या शायद ही कोई एंसा पहलू रहा हो जो बदलाव
खपरैल:भारत से अमेरिका तक
पाठकों के जायके में तब्दीली लेखक की जिम्मेदारी है, इसीलिए आज न सियासत पर बात होगी न नाकामियों पर।आज बात होगी मिट्टी से बनी उस

